सवाई माधोपुर: कृषि विज्ञान केंद्र में ग्राम कृषि महोत्सव का आयोजन
कुलगुरु डॉ. विमला डूंकवाल की अध्यक्षता में किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, जैविक खेती और मल्टीलेयर फार्मिंग के लाभ बताए गए।

कृषि विज्ञान केंद्र, सवाई माधोपुर द्वारा शुक्रवार को “ग्राम कृषि महोत्सव उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर जागरूकता कार्यक्रम” का आयोजन किया गया, जिसमें जिलेभर से आए 500 कृषकों एवं कृषक महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलगुरु डॉ. विमला डूंकवाल ने की, जबकि बॉम के सदस्य बद्री लाल शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान कुलगुरु डॉ. विमला डूंकवाल ने कृषकों को संतुलित उर्वरक उपयोग, रासायनिक खेती के दुष्परिणामों के साथ-साथ पुरातन कृषि पद्धति, जैविक खेती, प्राकृतिक खेती एवं यौगिक खेती के महत्व के बारे में विस्तृत रूप से जागरूक किया। उन्होंने कहा कि धरती हमारी माता है और माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखना हमारा कर्तव्य है, तभी हमारा परिवार स्वस्थ रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि कृषकों की खेत जोत का आकार लगातार कम हो रहा है, ऐसे में कृषकों को मल्टीलेयर खेती की ओर आगे बढ़ना होगा, जिससे उन्हें अधिक आय प्राप्त हो सके।
निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. महेंद्र सिंह ने कृषकों को बताया कि संतुलित उर्वरकों के उपयोग हेतु केवल यूरिया एवं डीएपी पर निर्भर न रहकर जैविक खाद, जैव उर्वरक तथा हरी खाद को भी सम्मिलित करना आवश्यक है, जिससे मृदा की उर्वरा क्षमता में वृद्धि हो सके। वहीं निदेशक अनुसंधान डॉ. एमसी जैन ने जैविक खेती एवं प्राकृतिक खेती पर चल रहे अनुसंधानों की जानकारी देते हुए कहा कि समन्वित पोषक तत्व प्रबंधन के माध्यम से जैविक खाद, जैव उर्वरक, हरी खाद एवं दलहनी फसलों को अपनाकर लागत में कमी तथा आय में वृद्धि संभव है।
कृषि महाविद्यालय कोटा के डॉ. रामराज मीना ने बागवानी में समन्वित पोषक तत्व प्रबंधन तथा उद्यानिकी फसलों में संतुलित उर्वरकों के उपयोग पर विस्तार से जानकारी दी। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. बीएल मीना ने भी किसानों को उर्वरकों के संतुलित उपयोग के प्रति जागरूक करते हुए जैविक कीटनाशकों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कृषकों को सम्मानित किया गया, जिसमें प्रथम स्थान अवधेश मीना ने प्राप्त किया। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा तैयार किए गए फोल्डरों “उर्वरकों के संतुलित प्रयोग”, “मसूर की उन्नत खेती” एवं “उड़द की वैज्ञानिक खेती” का मंचासीन अतिथियों द्वारा विमोचन किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. नूपुर शर्मा ने किया।
इस अवसर पर जिले के जैविक खेती के अग्रणी कृषक बत्तीलाल मीना, जानकीलाल मीना तथा समेकित कृषि प्रणाली के अग्रणी कृषक बजरंग सिंह राजावत को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सहायक निदेशक डॉ. खेमराज मीना सहित केंद्र के समस्त वैज्ञानिकगण एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
कृषि विज्ञान केंद्र सवाई माधोपुर में आयोजित यह कार्यक्रम किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, जैविक एवं प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित करते हुए कृषि लागत घटाने और आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

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