सवाई माधोपुर, 22 जून। जिले में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूती प्रदान करने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया है। जिला कलक्टर काना राम ने एक आदेश जारी कर शिक्षा विभाग को राजकीय विद्यालयों के भवन निर्माण के लिए भूमि आवंटित की है। इस निर्णय से क्षेत्र के दो प्रमुख विद्यालयों के लिए स्थायी भवन निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है, जिससे हजारों विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य को बेहतर आधार मिलेगा।

प्रशासनिक स्तर पर जारी आदेशों के अनुसार, राजस्थान काश्तकारी (सरकारी) नियम, 1955 के नियम 7 के अंतर्गत भूमि का वर्गीकरण परिवर्तित करते हुए यह आवंटन राजस्थान भू-राजस्व नियम, 1963 के प्रावधानों के तहत किया गया है। मलारना डूंगर क्षेत्र में लंबे समय से लंबित विद्यालयों की भवन संबंधी मांग को प्राथमिकता देते हुए उपखण्ड अधिकारी और तहसीलदार की अभिशंषा के उपरांत यह निर्णय लिया गया।

इस प्रक्रिया के तहत, राजकीय प्राथमिक विद्यालय, बैरवा बस्ती बालोली के लिए ग्राम बालोली में 0.13 हैक्टेयर भूमि आवंटित की गई है। वहीं, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, बरियारा के लिए भी ग्राम बरियारा में 0.20 हैक्टेयर भूमि शिक्षा विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित की गई है। यह भूमि आवंटन कुछ विशिष्ट शर्तों और निबन्धनों के अधीन है, जिनका पालन करना अनिवार्य होगा।

जिला प्रशासन की इस पहल ने न केवल इन विद्यालयों की आधारभूत संरचना की समस्या का समाधान किया है, बल्कि सरकारी शिक्षा के प्रति शासन की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया है। इन विद्यालयों में भवनों के निर्माण से न केवल पठन-पाठन का माहौल बेहतर होगा, बल्कि सुदूर अंचल के बच्चों को एक सुरक्षित और सुव्यवस्थित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सकेगा, जो भविष्य में क्षेत्र के शैक्षिक विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा।

Pratahkal Newsroom

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