सवाई माधोपुर। राज्य सरकार ने प्रदेश के उन हजारों कर्मचारियों के बुढ़ापे की लाठी को और मजबूती देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जो आगामी वित्तीय वर्ष में अपनी सेवाओं से निवृत्त होने जा रहे हैं। सरकारी सेवाओं से विदा लेने वाले कार्मिकों को उनकी मेहनत की गाढ़ी कमाई यानी राज्य बीमा पॉलिसी की परिपक्वता राशि के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए विभाग ने एक विशेष अभियान का बिगुल फूंक दिया है। यह पहल उन कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत बनकर आई है जिनकी सेवानिवृत्ति 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2026 के बीच प्रस्तावित है। इस अभियान का मूल उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में होने वाली देरी को खत्म कर सीधे कर्मचारियों के बैंक खातों में समयबद्ध तरीके से भुगतान सुनिश्चित करना है।

राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग की उपनिदेशक आराधना सक्सेना ने इस अभियान की रूपरेखा स्पष्ट करते हुए बताया कि जिन बीमेदारों की जन्म तिथि 1 अप्रैल 1966 से 31 मार्च 1967 के अंतराल में आती है, उनकी राज्य बीमा पॉलिसी 1 अप्रैल 2026 को परिपक्व होने जा रही है। उन्होंने इस प्रक्रिया की तकनीकी बारीकियों को साझा करते हुए कहा कि ऐसे कर्मचारियों के अंतिम बीमा प्रीमियम की कटौती दिसंबर 2025 के वेतन से की जाएगी। प्रशासन ने इस बार प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और त्वरित बनाने के लिए डिजिटल माध्यमों पर जोर दिया है, ताकि सेवानिवृत्ति के दिन ही कर्मचारी को उसका वित्तीय अधिकार प्राप्त हो सके।

उपनिदेशक आराधना सक्सेना ने संबंधित कर्मचारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने परिपक्वता स्वत्य दावा फॉर्म के साथ आवश्यक दस्तावेज, जिनमें बीमा रिकॉर्ड बुक, पॉलिसी बॉण्ड और पदस्थापन विवरण शामिल हैं, उन्हें स्कैन कर अपनी एसएसओ आईडी के माध्यम से नए एसआईपीएफ पोर्टल (वर्जन 3.0) पर अपलोड करें। कर्मचारियों को पोर्टल पर उपलब्ध 'सुपरएनुशन' विकल्प का चयन कर 15 जनवरी 2026 तक ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य होगा। समय पर आवेदन करने से विभाग को दावों के निस्तारण में सुविधा होगी और राशि सीधे कर्मचारी के खाते में पहुंच सकेगी।

इस अभियान में चिकित्सा अधिकारियों और अपनी सेवा अवधि बढ़ाने के इच्छुक कर्मचारियों के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। ऐसे चिकित्सा अधिकारी जिनकी सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 या 65 वर्ष कर दी गई है, उनकी बीमा परिपक्वता तिथि स्वतः ही नई सेवानिवृत्ति तिथि के अनुसार परिवर्तित मान ली जाएगी। वहीं, जो बीमेदार बीमा नियम 39/2(1) के अंतर्गत अपनी पॉलिसी को स्वेच्छा से एक वर्ष के लिए आगे बढ़ाना चाहते हैं, उन्हें पोर्टल पर 'एक्सटेंड पॉलिसी' विकल्प के जरिए आवेदन करने की सुविधा दी गई है। राज्य सरकार की यह सक्रियता न केवल प्रशासनिक दक्षता को दर्शाती है, बल्कि उन सेवाभावी कर्मचारियों के प्रति सम्मान भी प्रकट करती है जिन्होंने अपना जीवन प्रदेश के विकास में समर्पित कर दिया है।

Pratahkal Bureau

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