सवाई माधोपुर। राजस्थान में बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस प्रशासन अब पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। इसी कड़ी में सवाई माधोपुर जिला पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए निवेश के नाम पर मासूम लोगों को अपने जाल में फंसाकर लाखों की चपत लगाने वाले एक शातिर साइबर ठग को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल किया जाने वाला एक एंड्राइड मोबाइल फोन भी बरामद किया है। यह कार्रवाई पुलिस मुख्यालय और भरतपुर रेंज आईजीपी श्री कैलाश विश्नोई के उन सख्त निर्देशों के बाद की गई है, जिसमें उन्होंने साइबर अपराधियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए प्रभावी कार्रवाई करने का आह्वान किया था।

जिला पुलिस अधीक्षक श्री अनिल कुमार के कुशल निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विजयसिंह एवं पुलिस उपाधीक्षक (शहर) श्री उदय सिंह के निकट सुपरविजन में मानटाउन थानाधिकारी श्री सुनील कुमार गुप्ता के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस कार्रवाई की आधारशिला १० जनवरी २०२६ को तब रखी गई जब पुलिस अधीक्षक कार्यालय की साइबर सेल से एक महत्वपूर्ण इनपुट प्राप्त हुआ। सूचना के अनुसार, एक विशिष्ट मोबाइल नंबर के जरिए बड़े पैमाने पर साइबर धोखाधड़ी की जा रही थी, जिसकी शिकायत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन १९३० पोर्टल पर भी दर्ज थी।

सूचना मिलते ही मानटाउन थाने के सहायक उपनिरीक्षक श्री हुकमसिंह अपनी टीम के साथ सक्रिय हुए और कलेक्ट्री के पीछे स्थित सुनसान इलाके में दबिश दी। वहां पुलिस को एक युवक संदिग्ध अवस्था में मोबाइल चलाते हुए मिला। घेराबंदी कर जब उसे पकड़ा गया और पूछताछ की गई, तो उसने अपना नाम दशरथ पुत्र सुखलाल, निवासी खाट कैला (थाना सूरवाल) बताया। १८ वर्षीय इस युवक के मोबाइल की जब गहनता से जांच की गई, तो ठगी के काले साम्राज्य का काला चिट्ठा खुल गया। आरोपी लोगों को निवेश के नाम पर रकम को तीन से चार गुना करने का लालच देता था और फिर उनसे सर्विस चार्ज, जीएसटी और विड्राल शुल्क के नाम पर विभिन्न किस्तों में अपने खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लेता था।

पुलिस ने आरोपी के पास से अपराध में प्रयुक्त मोबाइल फोन को साक्ष्य के तौर पर जप्त कर लिया है। इस मामले में मानटाउन थाने पर प्रकरण संख्या १४/२०२६ के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा ३१९(२), ३१८(४), ६१(२) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) एक्ट की धारा ६६ डी के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में थानाधिकारी सुनील कुमार गुप्ता के साथ स.उ.नि. हुकमसिंह, कांस्टेबल अशोक (संख्या १३५७), कांस्टेबल सुरेन्द्र (संख्या ११६) और कांस्टेबल हरिसिंह (संख्या ११३३) ने सराहनीय भूमिका निभाई। पुलिस अब इस मामले के अन्य तारों को सुलझाने में जुटी है ताकि इस संगठित नेटवर्क का पूरी तरह खात्मा किया जा सके।

Pratahkal Bureau

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