रणथम्भौर गणेश मेले में 'माय भारत' के युवाओं ने संभाला मोर्चा, पेश की मिसाल
सवाई माधोपुर के रणथंभौर त्रिनेत्र गणेश मेले में 'माय भारत' के स्वयंसेवकों ने यातायात, सुरक्षा व पर्यावरण संरक्षण में दिया अभूतपूर्व योगदान। जानिए कैसे युवाओं की इस टीम ने संभाली प्रशासनिक व्यवस्थाएं।

रणथंभौर त्रिनेत्र गणेश लक्खी मेले में माय भारत के 30 स्वयंसेवकों ने यातायात, भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालु सहायता के साथ वन्यजीव सुरक्षा व पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता में सहयोग किया।
सवाई माधोपुर में प्रसिद्ध रणथंभौर त्रिनेत्र गणेश लक्खी मेले के दौरान युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के “मेरा युवा भारत” (माय भारत) के स्वयंसेवकों ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं में सक्रिय और सराहनीय योगदान दिया। यह संपूर्ण सेवाकार्य जिला कलक्टर काना राम के मार्गनिर्देशन में एक्सपीरियंशियल लर्निंग प्रोग्राम के तहत आयोजित किया गया।
मेले के दौरान इन ऊर्जावान स्वयंसेवकों ने विभिन्न प्रशासनिक और सुरक्षा विभागों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया। टीम लीडर राजेश गुर्जर ने बताया कि स्वयंसेवकों की सेवाएं यातायात पुलिस, वन विभाग, चिकित्सा विभाग, मंदिर प्रशासन, सेंसस और मेला प्रबंधन से जुड़े अन्य विभागों के साथ समन्वित रहीं। त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर उमड़ने वाली लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने, ट्रैफिक व्यवस्था को सुगम बनाने तथा बुजुर्गों, महिलाओं एवं जरूरतमंदों को सहायता पहुंचाने में इन युवाओं की भूमिका बेहद अहम रही।
रणथंभौर के संवेदनशील वन क्षेत्र के नजदीक इस मेले का आयोजन होने के कारण स्वयंसेवकों ने वन्यजीव सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी श्रद्धालुओं को लगातार जागरूक किया। इसके साथ ही युवाओं ने विकसित भारत यंग लीडर डायलॉग के बारे में भी लोगों को जानकारी दी। यह एक्सपीरियंशियल लर्निंग प्रोग्राम युवाओं के लिए केवल एक सेवा कार्य तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने उनके व्यावहारिक कौशल, संकट प्रबंधन और नेतृत्व क्षमता को निखारने का काम किया। धरातल पर प्रशासनिक चुनौतियों को करीब से देखने और उन्हें सफलतापूर्वक संभालने का यह अनुभव युवाओं के भविष्य के लिए अनमोल साबित हुआ।
रणथंभौर त्रिनेत्र गणेश मेले के सुव्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण समापन में “माय भारत” के स्वयंसेवकों का यह योगदान यह सिद्ध करता है कि जब युवा ऊर्जा को सही दिशा, सकारात्मक मंच और अवसर मिलते हैं, तो वे किसी भी बड़े आयोजन की सफलता में महत्वपूर्ण कड़ी बन जाते हैं। इस दौरान आयुषी गर्ग, वंदना संगत, आशिका गुर्जर, कोमल चौधरी, तानिया वर्मा, ठंडीराम मीणा, महेंद्र बैरवा, सागर चौधरी, विजय गुर्जर और मनीष बैरवा सहित कुल 30 स्वयंसेवकों ने अपनी समर्पित सेवाएं प्रदान कीं।

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur
नाम: हरक चंद जैन
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: सवाई माधोपुर (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जनहित के मुद्दे और स्थानीय समाचार (सवाई माधोपुर)
परिचय
हरक चंद जैन राजस्थान के सवाई माधोपुर क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से सवाई माधोपुर जिले के स्थानीय समाचारों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
हरक चंद जैन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 45 वर्षों का लंबा और व्यापक अनुभव है। अपने इस दीर्घकालिक करियर के दौरान वह कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक प्रातःकाल: पिछले 6 वर्षों से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' के साथ जुड़कर कार्यरत हैं।
- अन्य समाचार पत्र: इसके पूर्व उन्होंने धर्म दिवाकर, देश की धरती, जननायक, नवज्योति, नवभारत टाइम्स और महका भारत जैसे विभिन्न समाचार पत्रों के लिए पत्रकारिता की है।
