राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और निपुण भारत मिशन के तहत प्राथमिक शिक्षा की बुनियाद मजबूत करने की दिशा में सवाई माधोपुर जिले में कक्षा 1 से 5 तक अध्यापन करवाने वाले शिक्षकों के लिए दो दिवसीय विषयवार एफएलएन कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद, जयपुर के निर्देशानुसार आयोजित इन कार्यशालाओं का उद्देश्य मूलभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (एफएलएन) के लक्ष्यों की प्राप्ति के साथ प्राथमिक स्तर पर शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार करना रहा।

एडीपीसी समग्र शिक्षा हरकेश मीना ने बताया कि जिले के सभी ब्लॉकों में 4 से 5 ग्राम पंचायतों को सम्मिलित करते हुए क्लस्टर बनाए गए। इन क्लस्टरों में 24 से 25 सितंबर तक कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। कार्यशालाओं में दक्ष प्रशिक्षकों ने प्राथमिक कक्षाओं में अध्यापन करवाने वाले शिक्षकों को प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण की विभिन्न विधियों का प्रशिक्षण दिया।

कार्यशालाओं के दौरान गतिविधि आधारित शिक्षण पर विशेष जोर दिया गया। गुणवत्ता एवं प्रशिक्षण प्रकोष्ठ समग्र शिक्षा के जिला प्रभारी हेमराज मीना के अनुसार शिक्षकों को विद्यालयों में उपलब्ध करवाई गई शिक्षण-अधिगम सामग्री (एबीएल किट) के माध्यम से रोचक एवं गतिविधि आधारित शिक्षण करवाने तथा शिक्षा विभाग द्वारा उपलब्ध करवाई गई वर्कबुक के प्रभावी उपयोग के संबंध में जानकारी दी गई। साथ ही बच्चों में भाषा एवं गणितीय दक्षताओं के विकास के लिए विभिन्न शिक्षण गतिविधियों का अभ्यास करवाकर शिक्षकों की क्षमता संवर्धन किया गया।

कार्यशालाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिले में संचालित कार्यशालाओं का जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों द्वारा अवलोकन किया गया। इसी क्रम में कार्यक्रम अधिकारी हेमराज मीना ने शुक्रवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भाड़ौती एवं मलारना डूंगर क्लस्टर में संचालित एफएलएन कार्यशालाओं का अवलोकन किया।

इस दौरान उन्होंने उपस्थित शिक्षकों से संवाद कर प्रशिक्षण की गतिविधियों, शिक्षण विधियों एवं कार्यशाला के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा शिक्षकों को आवश्यक मार्गदर्शन एवं संबलन प्रदान किया। उन्होंने एफएलएन के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए कक्षा-कक्ष में गतिविधि आधारित शिक्षण, शिक्षण सामग्री एवं वर्कबुक के प्रभावी उपयोग तथा बच्चों की बुनियादी भाषा एवं गणितीय दक्षताओं के विकास पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

निपुण भारत मिशन के तहत आयोजित इन विषयवार कार्यशालाओं में शिक्षकों की क्षमता संवर्धन के साथ प्राथमिक कक्षाओं में भाषा और गणितीय दक्षताओं के विकास के लिए गतिविधि आधारित शिक्षण को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया, जिससे बुनियादी प्राथमिक शिक्षा के स्तर को मजबूत करने के लक्ष्यों पर काम किया जा सके।

फोटो कैप्शन:- 25 पीआरओ शिक्षकों को शिक्षण की विभिन्न विधियों का प्रशिक्षण देते एडीपीसी समग्र शिक्षा हरकेश मीना।

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur

नाम: हरक चंद जैन

वर्तमान पद: रिपोर्टर

कार्यक्षेत्र: सवाई माधोपुर (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जनहित के मुद्दे और स्थानीय समाचार (सवाई माधोपुर)

परिचय

हरक चंद जैन राजस्थान के सवाई माधोपुर क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से सवाई माधोपुर जिले के स्थानीय समाचारों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

हरक चंद जैन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 45 वर्षों का लंबा और व्यापक अनुभव है। अपने इस दीर्घकालिक करियर के दौरान वह कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों से जुड़े रहे हैं:

  • दैनिक प्रातःकाल: पिछले 6 वर्षों से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' के साथ जुड़कर कार्यरत हैं।
  • अन्य समाचार पत्र: इसके पूर्व उन्होंने धर्म दिवाकर, देश की धरती, जननायक, नवज्योति, नवभारत टाइम्स और महका भारत जैसे विभिन्न समाचार पत्रों के लिए पत्रकारिता की है।

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