सवाई माधोपुर: 'भविष्य की उड़ान' को मिले पंख, विद्यालय स्टाफ ने पेश की सेवा और समर्पण की अनूठी मिसाल
सवाई माधोपुर के राजकीय विद्यालय बोहना के शिक्षकों ने पेश की मिसाल! 'भविष्य की उड़ान' अभियान के तहत विद्यालय स्टाफ ने 39 हजार रुपये का चेक सौंपकर स्कूल विकास में योगदान दिया। मुख्यमंत्री जनसहभागिता योजना के जरिए अब विद्यालय को कुल 97 हजार रुपये मिलेंगे, जिससे बच्चों को मिलेगा आधुनिक फर्नीचर और सुरक्षित वातावरण। पढ़िए पूरी खबर।

सवाई माधोपुर, 14 जनवरी। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के साझा प्रयासों से संचालित 'भविष्य की उड़ान' अभियान अब सवाई माधोपुर के सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदलने लगा है। जिले में जनसहभागिता और शिक्षा के प्रति बढ़ते रुझान के बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने पूरे जिले के लिए प्रेरणा का काम किया है। खंडार ब्लॉक के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय बोहना के शिक्षकों ने अपनी जेब से धनराशि एकत्रित कर न केवल शिक्षा के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता दिखाई है, बल्कि सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर स्कूल के कायाकल्प का मार्ग भी प्रशस्त कर दिया है।
विद्यालय के भौतिक विकास और छात्रों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विद्यालय स्टाफ ने आपसी सहयोग से 39 हजार रुपये की राशि का चेक विभाग को सौंपा। यह अनुकरणीय पहल तब और महत्वपूर्ण हो गई जब विद्यालय के प्रधानाध्यापक धर्मेंद्र चौधरी एवं पीईईओ रविन्द्र जैन ने इस सहयोग राशि का चेक एडीपीसी दिनेश कुमार गुप्ता को मुख्यमंत्री जनसहभागिता विद्यालय विकास योजना के अंतर्गत जमा कराने हेतु प्रदान किया। शिक्षकों का यह समर्पण दर्शाता है कि यदि नेतृत्व और मंशा साफ हो, तो संसाधनों की कमी कभी शिक्षा के मार्ग में बाधा नहीं बन सकती।
प्रशासनिक और तकनीकी बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए एडीपीसी दिनेश कुमार गुप्ता ने बताया कि शिक्षकों का यह निवेश विद्यालय के लिए एक बड़े फंड का आधार बनेगा। मुख्यमंत्री जनसहभागिता विद्यालय विकास योजना के नियमों के अनुसार, जनसहयोग से प्राप्त राशि के अनुपात में राज्य सरकार द्वारा 60 प्रतिशत तक का अतिरिक्त अनुदान प्रदान किया जाता है। 'भविष्य की उड़ान' नवाचार के जिला प्रभारी हेमराज मीणा ने इस गणित को स्पष्ट करते हुए बताया कि स्टाफ द्वारा दी गई 39 हजार रुपये की राशि पर राज्य सरकार से लगभग 58 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता प्राप्त होगी। इस प्रकार, विद्यालय के विकास के लिए कुल 97 हजार रुपये का एक बड़ा बजट उपलब्ध हो सकेगा।
इस एकत्रित राशि का सीधा लाभ उन ग्रामीण विद्यार्थियों को मिलेगा जो सुविधाओं के अभाव में संघर्ष करते हैं। प्राप्त राशि का उपयोग विद्यालय में छात्र-छात्राओं के बैठने हेतु आधुनिक फर्नीचर क्रय करने तथा अन्य आवश्यक भौतिक संसाधनों के विकास में किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को एक सुरक्षित, आधुनिक और उत्साहजनक शैक्षणिक वातावरण प्रदान करना है। इस गौरवपूर्ण अवसर पर समग्र शिक्षा कार्यालय से सहायक प्रशासनिक अधिकारी दीपक शर्मा, कनिष्ठ लेखाकार हेमंत बंसल सहित विद्यालय स्टाफ के सदस्य मुकेश जांगिड़ एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस सामूहिक प्रयास की सराहना की। यह घटनाक्रम सिद्ध करता है कि जब समाज और शिक्षक एक साथ आते हैं, तो सरकारी स्कूल भी निजी शिक्षण संस्थानों को मात देने की क्षमता रखते हैं।

Pratahkal Bureau
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