सवाई माधोपुर, 27 मई। कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों, जैविक पद्धतियों एवं उद्यानिकी आधारित खेती को अपनाकर सवाई माधोपुर जिले के दो प्रगतिशील किसानों ने राज्य स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। आत्मा योजनांतर्गत वर्ष 2024-25 के राज्य स्तरीय कृषक पुरस्कार हेतु प्रदेशभर से चयनित 10 किसानों की सूची में सवाई माधोपुर जिले के रामसिंह मीणा एवं लखनलाल मीणा का चयन किया गया है। राज्य कृषि प्रबंधन एवं विस्तार प्रशिक्षण संस्थान, जयपुर द्वारा जारी इस आधिकारिक सूची में दोनों किसानों को कृषि क्षेत्र में किए गए नवाचारों एवं उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है। जिला कलक्टर काना राम ने दोनों किसानों की इस उपलब्धि को जिले के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण बताते हुए कहा कि यह सम्मान आधुनिक कृषि तकनीकों एवं नवाचार आधारित खेती को अपनाने वाले अन्य किसानों के लिए प्रेरणा का एक सशक्त माध्यम सिद्ध होगा।

ग्राम गंभीरा निवासी प्रगतिशील किसान एवं सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर रामसिंह मीणा ने यह सिद्ध कर दिया है कि सकारात्मक सोच और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से खेती को अपनाकर कृषि को समृद्धि का माध्यम बनाया जा सकता है। बैंकिंग क्षेत्र से सेवानिवृत्ति के उपरांत उन्होंने परंपरागत खेती को छोड़कर आधुनिक एवं नवाचार आधारित बागवानी मॉडल को अपनाया। आत्मा योजना के अंतर्गत आयोजित प्रशिक्षण, कृषक भ्रमण एवं तकनीकी मार्गदर्शन का लाभ उठाकर उन्होंने अपने खेत को एक आधुनिक कृषि प्रयोगशाला के रूप में विकसित किया है। उन्होंने अपनी 2.85 हेक्टेयर भूमि पर अमरूद, नींबू, आम, संतरा और चीकू के सैंकडों पौधों के साथ मिश्रित बागवानी विकसित की है, जिससे उनकी वार्षिक आय बढ़कर 8 से 10 लाख रुपए तक पहुंच गई है। रामसिंह मीणा का फॉर्महाउस आज क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा एवं सीखने का प्रमुख केंद्र है, जहाँ आसपास के किसान नियमित रूप से पौध संरक्षण, मिश्रित बागवानी और जैविक खेती की तकनीकी जानकारी प्राप्त करते हैं। पूर्व में भी जिला स्तर पर सम्मानित हो चुके रामसिंह मीणा का मानना है कि वैज्ञानिक सोच के साथ सीमित संसाधनों में भी बेहतर उत्पादन संभव है और उन्होंने जैविक उत्पादों के लिए उचित बाजार मूल्य मिलने की आवश्यकता पर बल दिया है।

इसी क्रम में, ग्राम दिवाड़ा निवासी किसान लखनलाल मीणा ने उद्यानिकी क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और संरक्षित खेती का सफल मॉडल विकसित किया है। उन्होंने ग्रीनहाउस, अमरूद का बगीचा, प्याज भण्डार, मल्चिंग शीट, ड्रिप सिंचाई, जल संरक्षण हेतु फार्म पॉण्ड एवं वर्मी कम्पोस्ट इकाई स्थापित कर कृषि को अत्यंत लाभकारी बनाया है। राजस्थान संरक्षित खेती मिशन के अंतर्गत स्थापित ग्रीनहाउस में खीरे का उत्पादन कर वे प्रतिवर्ष लगभग 8 लाख रुपए की आय अर्जित कर रहे हैं। इन दोनों किसानों की यह उपलब्धि न केवल अन्य किसानों को नवाचारी, वैज्ञानिक एवं जल संरक्षण आधारित खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगी, बल्कि सवाई माधोपुर जिले को प्रदेश के कृषि मानचित्र पर एक नई पहचान भी दिलाएगी।

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Pratahkal Newsroom

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