सवाई माधोपुर: फसल बीमा योजना के तहत किसानों को 17 करोड़ रुपये का मुआवजा स्वीकृत
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान के लिए 10,485 किसानों के खातों में 15 करोड़ रुपये से अधिक ट्रांसफर किए जा चुके हैं।

सवाई माधोपुर जिले के किसानों को बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान के बदले प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बड़ी राहत मिली है। रबी 2025-26 में गेहूं, चना और सरसों की फसलों में खराबे के आकलन के बाद बीमित किसानों के लिए 17 करोड़ 1 लाख रुपये की मुआवजा राशि स्वीकृत की गई है। इसमें से 10,485 किसानों के बैंक खातों में 15 करोड़ 3 लाख रुपये हस्तांतरित किए जा चुके हैं।
कृषि विभाग और बीमा कंपनी की ओर से फसल खराबे का आकलन करने के लिए सर्वे कार्य कराया गया। इसके साथ ही सीसीई ऐप के माध्यम से शत-प्रतिशत फसल कटाई प्रयोग संपादित किए गए। इन प्रयोगों से प्राप्त औसत उपज में कमी के आधार पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत मुआवजा निर्धारित किया गया।
संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) लखपत लाल मीना ने बताया कि किसानों को योजना का लाभ दिलाने के लिए जिले के सभी कृषकों से आगामी रबी सीजन 2026-27 में अपनी फसलों का बीमा करवाने का आग्रह किया गया है।
कृषि विभाग के सहायक निदेशक (सांख्यिकी) श्याम बिहारी मथुरिया ने बताया कि रबी सीजन में जिले के किसानों को अब तक का सर्वाधिक 17 करोड़ 1 लाख रुपये का फसल बीमा क्लेम प्राप्त हुआ है। इसके अतिरिक्त गत वर्ष खरीफ 2025 का लंबित 6 करोड़ रुपये का बीमा क्लेम भी जारी किया गया है। इससे खरीफ 2025 की फसल बीमा मुआवजा राशि 47 करोड़ रुपये से बढ़कर 53 करोड़ 9 लाख रुपये हो गई है।
रबी 2025-26 के तहत तहसीलवार मुआवजा राशि में सवाई माधोपुर तहसील सबसे आगे रही, जहां किसानों को 6 करोड़ 52 लाख रुपये मिले। चौथ का बरवाड़ा तहसील के किसानों को 2 करोड़ 80 लाख रुपये की मुआवजा राशि स्वीकृत हुई। इसी प्रकार खण्डार में 2 करोड़ 19 लाख, मलारना डूंगर में 1 करोड़ 43 लाख, बौंली में 3 लाख, मित्रपुरा में 30 लाख, बरनाला में 13 लाख, बामनवास में 95 लाख, तलावड़ा में 60 लाख, वजीरपुर में 7 लाख और गंगापुर में 1 लाख रुपये की मुआवजा राशि प्राप्त हुई।
कृषि विभाग के अनुसार रबी 2026-27 के लिए फसल बीमा नामांकन की प्रक्रिया 1 दिसम्बर से 31 दिसम्बर 2026 तक चलेगी। फसली ऋण (केसीसी) लेने वाले किसानों यानी ऋणी कृषकों का बीमा संबंधित बैंक की ओर से स्वतः किया जाएगा। वहीं, गैरऋणी किसान राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल (एनसीआईपी), नजदीकी बैंक शाखा, सीएससी अथवा बीमा कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि से संपर्क कर अपनी फसलों का बीमा करवा सकेंगे।
फसल बीमा करवाने के लिए किसानों को कुल बीमित राशि का 1.5 प्रतिशत प्रीमियम जमा करवाना होगा। इसके लिए आधार कार्ड, नवीनतम जमा बन्दी की प्रमाणित नकल, प्रत्येक खसरे का कुल क्षेत्रफल, प्रस्तावित फसल बुवाई का क्षेत्र, मालिक का नाम और बीमा हित का प्रकार (स्वयं अथवा बंटाई पर) दर्शाने वाला स्वयं प्रमाणित घोषणा पत्र तथा बैंक खाते की पासबुक की प्रति देनी होगी।
फसल बीमा से संबंधित किसी भी समस्या के समाधान के लिए किसान भारत सरकार द्वारा संचालित कृषि रक्षक पोर्टल एवं हेल्पलाइन नंबर 14447 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा फसल बीमा के जिला कार्यालय में भी समस्या के समाधान के लिए संपर्क किया जा सकता है।

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur
नाम: हरक चंद जैन
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: सवाई माधोपुर (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जनहित के मुद्दे और स्थानीय समाचार (सवाई माधोपुर)
परिचय
हरक चंद जैन राजस्थान के सवाई माधोपुर क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से सवाई माधोपुर जिले के स्थानीय समाचारों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
हरक चंद जैन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 45 वर्षों का लंबा और व्यापक अनुभव है। अपने इस दीर्घकालिक करियर के दौरान वह कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक प्रातःकाल: पिछले 6 वर्षों से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' के साथ जुड़कर कार्यरत हैं।
- अन्य समाचार पत्र: इसके पूर्व उन्होंने धर्म दिवाकर, देश की धरती, जननायक, नवज्योति, नवभारत टाइम्स और महका भारत जैसे विभिन्न समाचार पत्रों के लिए पत्रकारिता की है।
