आधुनिक तकनीक ने बदली किसान की किस्मत: ड्रिप सिंचाई से चमकी सवाई माधोपुर की खेती
सवाई माधोपुर के ग्रामीण सेवा शिविर में एक किसान की अद्भुत सफलता की कहानी सामने आई है। आखिर कैसे 95% तक पानी बचाकर इस किसान ने बंपर उत्पादन हासिल किया? जानिए कैसे सरकारी योजना और आधुनिक तकनीक ने बदल दी खेती की तस्वीर।

सवाई माधोपुर के चौथ बरवाड़ा क्षेत्र में उद्यान विभाग की योजनाओं का निरीक्षण करते अधिकारी और किसान, जहां ड्रिप और मल्चिंग तकनीक से खेती की जा रही है।
पानी की कमी और पारंपरिक खेती की चुनौतियों से जूझते किसानों के लिए आधुनिक तकनीक किसी संजीवनी से कम नहीं है। सवाई माधोपुर जिले में इस संजीवनी ने किस प्रकार एक किसान की तकदीर बदल दी, इसकी एक प्रेरणादायक कहानी हाल ही में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर में सामने आई है। जिले के चौथ बरवाड़ा उपखण्ड क्षेत्र की ग्राम पंचायत रजवाना के गांव चैनपुरा निवासी प्रगतिशील किसान शिवराज सैनी ने शिविर में अपनी सफलता की दास्तान साझा करते हुए बताया कि कैसे सरकारी योजनाओं और आधुनिक कृषि प्रणालियों ने उनके खेतों की पूरी तस्वीर बदल कर रख दी है।
एक समय था जब शिवराज पारंपरिक सिंचाई पद्धति पर निर्भर थे। इस पुरानी पद्धति में न केवल पानी की अत्यधिक खपत होती थी, बल्कि कड़ी मेहनत के बावजूद फसल का उत्पादन भी निराशाजनक ही रहता था। इसी जद्दोजहद के बीच उन्होंने खेती के तरीके को बदलने का निर्णय लिया और उद्यान विभाग की 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' योजना तथा 'राष्ट्रीय बागवानी मिशन' के तहत सब्जी की फसलों में इनलाइन ड्रिप और प्लास्टिक मल्चिंग तकनीक को अपनाया। इस एक फैसले ने उनकी किसानी को घाटे के सौदे से निकालकर मुनाफे के व्यापार में तब्दील कर दिया। आधुनिक सिंचाई तकनीक के प्रयोग से न सिर्फ 90 से 95 प्रतिशत तक अमूल्य जल की भारी बचत हुई, बल्कि फसल के उत्पादन में भी अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई।
इस परिवर्तनकारी यात्रा में राज्य सरकार द्वारा प्रदान किया गया अनुदान सबसे बड़ा आर्थिक सहारा साबित हुआ। आधिकारिक योजना के तहत शिवराज को इस तकनीक को अपने खेतों में स्थापित करने के लिए 70 प्रतिशत का सरकारी अनुदान प्राप्त हुआ। इस भारी सब्सिडी की वजह से ही एक साधारण किसान के लिए इस महंगी और उन्नत प्रणाली को अपनाना संभव हो सका। कम लागत, पानी की बचत और अधिक मुनाफे के इस अचूक समीकरण ने उनकी खेती को अब एक बेहद लाभकारी व्यवसाय बना दिया है।
ग्रामीण सेवा शिविर के सार्वजनिक मंच से शिवराज सैनी ने राज्य सरकार, कृषि विभाग और उद्यान विभाग का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसानों को समय पर सरकारी योजनाओं का लाभ और सही तकनीकी मार्गदर्शन मिले, तो न केवल उनकी आय में भारी वृद्धि होती है, बल्कि कृषि क्षेत्र भी पूरी तरह से आधुनिक और सशक्त बन सकता है।

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