सवाई माधोपुर: अब फार्मर आईडी से ही मिलेगा अनुदानित उर्वरक, कालाबाजारी पर लगेगा अंकुश
सवाई माधोपुर में अनुदानित उर्वरक वितरण के लिए बदली व्यवस्था, अब फार्मर आईडी से ही मिलेगी खाद। जानिए किसानों के लिए क्या है वैकल्पिक नियम और पूरी प्रक्रिया।

कृषि आयुक्तालय जयपुर के निर्देशानुसार सवाई माधोपुर जिले में अनुदानित उर्वरकों के वितरण के लिए अब फार्मर आईडी आधारित व्यवस्था को अनिवार्य रूप से लागू कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य उर्वरकों के वितरण में पूर्ण पारदर्शिता लाना और इनकी कालाबाजारी, जमाखोरी एवं गैर-कृषि उपयोग पर प्रभावी रोक सुनिश्चित करना है।
कृषि विभाग के सहायक निदेशक खेमराज मीना ने जानकारी देते हुए बताया कि अब किसानों को अनुदानित उर्वरक प्राप्त करने के लिए अपनी फार्मर आईडी या फिर पंजीकरण की रसीद दिखाना अनिवार्य होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन किसानों के पास फिलहाल फार्मर आईडी मौजूद नहीं है, उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था भी की है। ऐसे किसान अपनी जमाबंदी की नकल प्रस्तुत कर भी अनुदानित उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे।
इस नई प्रक्रिया के दायरे में किरायेदार, बटाईदार, संयुक्त खातेदार और मृतक किसानों के वैधानिक वारिसों को भी शामिल किया गया है। ये सभी निर्धारित दस्तावेज जमा कराकर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। विभाग की ओर से इस प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए फार्मर आईडी पंजीकरण का विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है। सहायक निदेशक ने जिले के समस्त किसानों से आग्रह किया कि वे जल्द से जल्द अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्र, संबंधित पटवारी अथवा कृषि विभाग के कार्यालय में संपर्क कर अपना फार्मर आईडी पंजीकरण पूर्ण कराएं, ताकि भविष्य में उर्वरक वितरण के दौरान उन्हें किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। विभाग का मानना है कि इस नई व्यवस्था के लागू होने से सरकारी अनुदान का वास्तविक लाभ पात्र किसानों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंच सकेगा।

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