सवाई माधोपुर: 'सृजन की सुरक्षा' योजना के तहत बेटियों को मिला ग्रीन कार्ड
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आदलवाड़ा कलां में पर्यावरण संरक्षण और बालिका सशक्तिकरण को जोड़ते हुए विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया।

सवाई माधोपुर के आदलवाड़ा कलां स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित कार्यक्रम में नवजात बालिकाओं को 'ग्रीन कार्ड' वितरित किए गए।
सवाई माधोपुर, 5 जून। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण के अनूठे संगम को साकार करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सवाई माधोपुर ने आदलवाड़ा कलां में एक प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया। रालसा वन एवं बालिका वर्ष 2025 के तहत संचालित “सृजन की सुरक्षा (ईको-फेमिनिज्म)” योजना के अंतर्गत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय आदलवाड़ा कलां में नवजात बालिकाओं के जन्म को प्रकृति के संरक्षण से जोड़ते हुए वृक्षारोपण किया गया और नवजात हरित बालिकाओं को विशेष ‘ग्रीन कार्ड’ वितरित किए गए। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण को हरा-भरा बनाने के साथ-साथ बेटियों के सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा और उन्हें भविष्य में आत्मनिर्भर बनाने का मार्ग प्रशस्त करना है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए असिस्टेंट एलएडीसी अक्षय राजावत ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और बालिका सशक्तिकरण वर्तमान युग की अनिवार्य आवश्यकताएं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि “सृजन की सुरक्षा” योजना के माध्यम से बेटियों के जन्म के उत्सव को प्रकृति संरक्षण से जोड़कर समाज में सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है। राजावत ने बताया कि जिले में पूर्व से चयनित खिलचीपुर एवं शेरपुर ग्राम पंचायतों के बाद अब आदलवाड़ा कलां को भी इस महत्वाकांक्षी योजना में शामिल कर लिया गया है। इस योजना के तहत चयनित ग्राम पंचायतों में प्रत्येक नवजात बालिका के जन्म पर 11 पौधे रोपित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिनकी समुचित देखभाल स्थानीय प्रशासन एवं संबंधित परिवारों द्वारा सामूहिक रूप से सुनिश्चित की जाएगी।
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू नवजात बालिकाओं को प्रदान किया गया ‘ग्रीन कार्ड’ रहा, जो उनके सुरक्षित एवं सशक्त भविष्य की विशिष्ट पहचान बनेगा। असिस्टेंट एलएडीसी अक्षय राजावत ने बताया कि यह कार्ड बालिकाओं के लिए कल्याणकारी योजनाओं का द्वार खोलेगा, जिसके माध्यम से वे सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं, स्वास्थ्य, चिकित्सा सुविधाओं, शिक्षा के अवसरों, सामाजिक सुरक्षा एवं निःशुल्क विधिक सहायता तक सहज पहुंच प्राप्त कर सकेंगी। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से बेटियों को समान अवसर देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की सामूहिक जिम्मेदारी उठाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर विभागीय अधिकारियों, नवप्रसूता माताओं, ग्रामवासियों, पैनल अधिवक्ताओं एवं अधिकार मित्रों ने सामूहिक रूप से पौधारोपण किया और परिजनों को पौधों की सुरक्षा हेतु प्रेरित किया। पैनल अधिवक्ता नन्दकिशोर बैरवा ने विश्व पर्यावरण दिवस की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं मानव जीवन तथा प्रकृति के मध्य संतुलन बनाने के उपायों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। वहीं, पैनल अधिवक्ता तपेश जैन ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा सहयोगिनियों एवं ग्रामीणों को लिंग आधारित भेदभाव को जड़ से समाप्त करने के लिए जागरूक किया।
कार्यक्रम में आदलवाड़ा कलां के सरपंच विमल कुमार मीना, ग्राम विकास अधिकारी निशांत स्वर्णकार, सीडीपीओ कार्यालय से सुपरवाइजर रणजीत कौर, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सर्वोच्च मिश्रा, जिला परिषद सदस्य धनपाल मीणा सहित अधिकार मित्र बुनियाद अली, सुनिता जोनवाल, मोरसिंह गुर्जर, आशाराम नागर एवं चन्दन मीना की गरिमामयी उपस्थिति रही। बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं आशा सहयोगिनियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए बेटियों के उज्ज्वल भविष्य और हरित पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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