राजस्थान के सवाई माधोपुर में भीषण गर्मी की आहट के बीच आमजन को बूंद-बूंद पानी के लिए न तरसना पड़े, इसे लेकर राज्य सरकार ने अपनी कमर कस ली है। अतिरिक्त मुख्य अभियंता कार्यालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय संयुक्त समीक्षा बैठक एवं जनसुनवाई के दौरान कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (PHED) व भूजल विभाग के मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने सख्त तेवर अपनाते हुए अधिकारियों को दो-टूक निर्देश दिए कि आगामी ग्रीष्म ऋतु में पेयजल आपूर्ति में किसी भी प्रकार का व्यवधान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बैठक के केंद्र में अमृत 2.0 योजना रही, जिसके तहत मंत्रियों ने सवाई माधोपुर शहर की पुरानी पेयजल पाइप लाइनों के प्रतिस्थापन और पर्याप्त दबाव के साथ जलापूर्ति सुनिश्चित करने हेतु लगभग 38 करोड़ रुपये की लागत के कार्यों को इसी माह अनिवार्य रूप से प्रारम्भ करने का आदेश दिया। शहरी विकास के क्रम में सड़क चौड़ाइकरण के दौरान बीच में आ रही पाइपलाइनों की शिफ्टिंग हेतु भी 35 लाख रुपये के बजट के साथ कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए। वहीं जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा करते हुए मंत्री द्वय ने कार्य में लापरवाही बरतने वाले संवेदकों पर अंकुश लगाने हेतु उनके विरुद्ध महज 7 दिवस के भीतर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

गंगापुर सिटी की स्थिति पर चर्चा के दौरान 48 घंटे के अंतराल से होने वाली जलापूर्ति और दूषित पानी की शिकायतों ने माहौल को गंभीर कर दिया। जब अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में 18 एमएलडी की मांग के सापेक्ष मात्र 8.5 एमएलडी आपूर्ति हो पा रही है, तो जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने अधिकारियों से जवाब तलब किया। उन्होंने चंबल परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित 15 करोड़ रुपये के कार्यों की स्वीकृति शीघ्र जारी कराने के निर्देश दिए ताकि नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित हो सके। पेयजल परियोजनाओं की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए चौथ का बरवाड़ा क्षेत्र की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए सहायक अभियंता कार्यालय भवन निर्माण की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने को कहा गया। इसी कड़ी में एक विभागीय कार्मिक द्वारा अनुशासनहीन आचरण पाए जाने पर उसके विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।

जनसुनवाई के दौरान कृषि मंत्री डॉ. मीणा एवं जलदाय मंत्री चौधरी ने जनता के परिवादों को संवेदनशीलता से सुना। हाउसिंग बोर्ड सहित विभिन्न क्षेत्रों की समस्याओं पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए उनके शीघ्र निस्तारण के आदेश दिए गए। जनप्रतिनिधियों और जनता की मांग को देखते हुए सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, खंडार एवं बामनवास क्षेत्रों में नए हैंडपंप और नलकूपों की स्वीकृति हेतु प्रस्ताव अविलंब तैयार कर भेजने को कहा गया। विशेष रूप से सवाई माधोपुर की नीम चौकी, रामलीला मैदान, हरिजन बस्ती, न्यू मार्केट, कुम्हार मोहल्ला एवं हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी सेक्टर-1 में पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए नए नलकूपों हेतु सर्वे के निर्देश दिए गए। विनायक नगर में नलकूप के लंबित विद्युत कनेक्शन में देरी को अक्षम्य मानते हुए मंत्रियों ने तत्काल कनेक्शन जारी करने और आवश्यकता पड़ने पर अंडरटेकिंग के आधार पर बिजली आपूर्ति बहाल करने की हिदायत दी।

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक एवं जनसुनवाई में अतिरिक्त मुख्य अभियंता रामनिवास मीणा, अधीक्षण अभियंता भगवान सहाय मीना, अधीक्षण अभियंता (परियोजना) के.एम. शर्मा, पूर्व विधायक मानसिंह गुर्जर और पूर्व उप सभापति राजेश गोयल सहित कई विभागीय अधिकारी एवं गणमान्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सरकार की इस सक्रियता और कड़े निर्देशों ने स्पष्ट कर दिया है कि पेयजल आपूर्ति में बाधा पहुँचाने वाली तकनीकी कमियों और प्रशासनिक शिथिलता को दूर करना ही वर्तमान शासन की प्राथमिकता है।

Pratahkal Hub

Pratahkal Hub

प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"

Next Story