भीषण गर्मी में निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन और पीएचईडी ने 25 खराब हैंडपंपों को ठीक कर पाइपलाइन लीकेज दुरुस्त किए।

सवाई माधोपुर, 18 अप्रैल। भीषण गर्मी के बीच आमजन को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना न पड़े, इस मानवीय दृष्टिकोण के साथ माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के कड़े निर्देशों पर सवाई माधोपुर जिले में 18 और 19 अप्रैल को राज्यव्यापी विशेष अभियान का शंखनाद किया गया। जिला प्रशासन और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) की संयुक्त टीमों ने पूरी मुस्तैदी के साथ धरातल पर उतरकर जिले के गांव-ढाणी और शहरी क्षेत्रों में हैंडपंपों की जांच, मरम्मत और पाइपलाइन लीकेज को दुरुस्त करने की व्यापक कार्रवाई को अंजाम दिया, ताकि निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

जिला कलक्टर के कुशल निर्देशन में संचालित इस अभियान के दौरान प्रशासनिक और तकनीकी अमले ने कमान संभालते हुए जल स्रोतों का सघन भौतिक सत्यापन किया। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव बुड़ानिया (आईएएस) ने स्वयं उपखण्ड बौंली के बांस परसा गांव में हैंडपंपों की स्थिति जांची और मित्रपुरा में ग्रामीण जलापूर्ति योजना की कार्यशीलता का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने दो टूक निर्देश दिए कि जिले का हर जल स्रोत पूर्णतः चालू अवस्था में रहे और तकनीकी खराबी को बिना विलंब दूर किया जाए।

विभागीय स्तर पर पीएचईडी के अधीक्षण अभियंता भगवान सहाय मीणा ने श्यामपुरा, कुंण्डेरा, छारोदा और खिलचीपुर का दौरा कर छावा में जल जीवन मिशन (JJM) के कार्यों की प्रगति एवं हैंडपंप मरम्मत कार्य की समीक्षा की। इसी प्रकार अतिरिक्त मुख्य अभियंता रामनिवास मीणा ने पिपलाई एवं टोडा क्षेत्र तथा अधिशासी अभियंता संतोष कुमार मीणा ने कुशालीपुरा क्षेत्र में निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद किया। विभाग के सहायक एवं कनिष्ठ अभियंताओं की टोलियों ने बामनवास, बगिना, भगवतगढ़, चौथ का बरवाड़ा, ओलवाड़ा, बालेर, मियापुर, दतौली, जोलांदा, सूरवाल, आदलवाड़ा, बड़ोदिया, मोरन, लखनपुर सहित सवाई माधोपुर शहर की विभिन्न बस्तियों में हैंडपंपों और पाइपलाइनों का सघन निरीक्षण किया।

अभियान की सफलता का प्रमाण यह रहा कि विभागीय टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 25 खराब हैंडपंपों को पुनः चालू किया और 20 स्थानों पर पाइपलाइन लीकेज को ठीक कर पानी की बर्बादी रोकी। इसके साथ ही ग्रीष्मकालीन आकस्मिक कार्यों और पूर्व में पूर्ण हो चुकी जल योजनाओं की वास्तविक उपयोगिता का सत्यापन भी किया गया। जिला प्रशासन ने सख्त लहजे में स्पष्ट कर दिया है कि गर्मी में पेयजल संकट से निपटने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। इस विशेष अभियान ने न केवल जिले की जल वितरण प्रणाली को सुदृढ़ किया है, बल्कि भीषण तपिश के बीच आमजन को बड़ी राहत प्रदान कर सुशासन का परिचय दिया है।

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