सवाई माधोपुर: जिला न्यायाधीश देवेन्द्र दीक्षित ने छात्रों को साइबर सुरक्षा के प्रति किया जागरूक
राजस्थान विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर 'ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे' के तहत राधाकृष्णन पब्लिक स्कूल में साइबर अपराधों और बचाव के उपायों पर कार्यशाला आयोजित की गई।

डिजिटल युग में बढ़ते साइबर खतरों के बीच राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के तत्वावधान में बुधवार को सवाई माधोपुर में एक वृहद् विधिक साक्षरता एवं संवेदीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 'साइबर सुरक्षा: जागरूकता, संरक्षण और न्याय तक समावेशी पहुंच' विषयक राष्ट्रीय सम्मेलन के क्रम में आयोजित इस कार्यक्रम के अंतर्गत जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्री देवेन्द्र दीक्षित ने 'ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे' अभियान के तहत स्थानीय राधाकृष्णन पब्लिक स्कूल में उपस्थित होकर विद्यार्थियों और विद्यालय स्टाफ को साइबर अपराधों की रोकथाम के प्रति जागरूक किया।
अपने उद्बोधन में जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्री देवेन्द्र दीक्षित ने वर्तमान समय में प्रचलित साइबर अपराधों की गंभीर प्रकृति पर प्रकाश डाला। उन्होंने मोबाइल गेमिंग से जुड़े अपराधों, डिजिटल अरेस्ट के बढ़ते मामलों, हैकिंग, बैंकिंग फ्रॉड और साइबर बुलिंग जैसी चुनौतियों के प्रति आगाह किया। न्यायाधीश दीक्षित ने स्पष्ट किया कि जागरूकता की कमी, कमजोर पासवर्ड का चयन, असुरक्षित वेबसाइटों एवं मोबाइल एप्स का निरंतर उपयोग तथा लुभावने ऑफर्स व इनाम का लालच ही इन अपराधों के मुख्य कारण हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को इनसे बचाव हेतु मजबूत पासवर्ड रखने, अज्ञात लिंक व कॉल्स से सतर्क रहने तथा केवल सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करने की महत्ता समझाई।
इसी क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव समीक्षा गौतम ने तकनीकी सुरक्षात्मक उपायों की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने एंटीवायरस के नियमित उपयोग, सोशल मीडिया खातों पर 'टू स्टेप वेरिफिकेशन' की अनिवार्यता तथा साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल सहायता हेतु हेल्पलाइन नंबर 1930 की उपयोगिता बताई। उन्होंने केंद्र सरकार के 'संचार साथी' एवं 'चक्षु' एप की कार्यप्रणाली के साथ-साथ 'रालसा (साइबर अपराध से पीड़ित व्यक्तियों को विधिक सेवाएं) योजना 2026' के प्रावधानों पर भी चर्चा की, जिसके माध्यम से पीड़ितों को विधिक सेवा प्राधिकरणों एवं समितियों द्वारा निःशुल्क कानूनी सलाह और सहायता उपलब्ध कराई जाती है। कार्यक्रम के दौरान असिस्टेंट एलएडीसी अक्षय राजावत ने भी साइबर सुरक्षा के व्यावहारिक उपायों से उपस्थित जनों को अवगत कराया। उल्लेखनीय है कि इस विशेष अभियान के तहत जिले के कुल 18 न्यायिक अधिकारियों ने विभिन्न विद्यालयों में पहुंचकर भावी पीढ़ी को साइबर जगत के खतरों के प्रति सचेत किया, जिससे जिले में सुरक्षित डिजिटल वातावरण की दिशा में एक सशक्त संदेश गया है।

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