जिला कारागृह सवाई माधोपुर का जिला एवं सेशन न्यायाधीश ने किया निरीक्षण
जिला एवं सेशन न्यायाधीश देवेन्द्र दीक्षित ने जेल परिसर की सुरक्षा, स्वच्छता और बंदियों को दी जा रही सुविधाओं की समीक्षा की।

सवाई माधोपुर जिला कारागृह में निरीक्षण करते हुए जिला एवं सेशन न्यायाधीश देवेन्द्र दीक्षित। उनके साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव समीक्षा गौतम और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
सवाई माधोपुर, 21 मई। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश देवेन्द्र दीक्षित ने गुरुवार को जिला कारागृह, सवाई माधोपुर का औचक मासिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल परिसर की सुरक्षा, स्वच्छता और बंदियों को मुहैया कराई जा रही सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष देवेन्द्र दीक्षित ने बैरकों की साफ-सफाई व्यवस्था, सजायाफ्ता और विचाराधीन बंदियों की संख्या, नए प्रवेशित बंदियों का विवरण, भोजन की गुणवत्ता, पेयजल उपलब्धता और चिकित्सकीय सुविधाओं के साथ ई-कियोस्क व्यवस्था की गहन पड़ताल की। उन्होंने स्वयं बंदियों से संवाद स्थापित कर उनके मुकदमों की स्थिति, संबंधित थानों और न्यायालयों की कार्यवाही, परिजनों से संपर्क के अवसर और अपनी पैरवी के लिए अधिवक्ताओं की उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली। देवेन्द्र दीक्षित ने बंदियों को स्पष्ट किया कि जो बंदी अपनी पैरवी हेतु अधिवक्ता रखने में असमर्थ हैं, वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में आवेदन कर निःशुल्क अधिवक्ता प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही, उन्होंने किसी भी समस्या के समाधान हेतु जेल विजिटिंग लॉयर और अधिकार मित्र की सेवाओं का उपयोग करने का परामर्श दिया।
इस दौरान अध्यक्ष ने कारागृह परिसर स्थित प्रिजन लीगल एड क्लीनिक का निरीक्षण कर कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने मौके पर उपस्थित चीफ एलएडीसी राधेश्याम जोगी और अधिकार मित्र सुनिता जोनवाल से क्लिनिक की कार्यप्रणाली और बंदियों को दी गई विधिक सहायता पर चर्चा की। साथ ही, नालसा स्प्रुहा योजना 2025 के तहत बंदियों के आश्रितों से प्राप्त आवेदनों और उन्हें प्रदान की गई कानूनी सहायता का विवरण भी तलब किया। निरीक्षण के समय कारागृह में कुल 124 बंदी उपस्थित पाए गए, जिन्हें देवेन्द्र दीक्षित ने साइबर अपराध, चोरी, लूट, हत्या और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराधों से दूर रहने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में देवेन्द्र दीक्षित ने कारागृह उपाधीक्षक बिहारीलाल को बंदियों के अन्य जेलों में स्थानांतरण और निःशुल्क विधिक सहायता के इच्छुक बंदियों की सूची अविलंब जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजने के कड़े निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव समीक्षा गौतम भी उपस्थित रहीं। यह निरीक्षण न्यायिक व्यवस्था की पारदर्शिता और बंदियों के मानवाधिकारों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Pratahkal Newsroom
प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
