सवाई माधोपुर जिला चिकित्सालय में शुक्रवार से हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के लिए ‘प्रसव सखी’ व्यवस्था शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में लागू की गई इस व्यवस्था का उद्देश्य उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को बेहतर सहयोग, मार्गदर्शन और समय पर उपचार उपलब्ध कराना है।

24 जुलाई को शुरू हुई इस सुविधा के अवसर पर प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. तेजराम मीणा, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ तथा अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे। जिला कलक्टर काना राम ने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर चिन्हित गर्भवतियों को आवश्यकता के अनुसार समय रहते जिला चिकित्सालय अथवा उच्च चिकित्सा संस्थान में रेफर कर सुरक्षित संस्थागत प्रसव सुनिश्चित किया जाए। जिला कलक्टर ने बताया कि ‘प्रसव सखी’ व्यवस्था से गर्भवती महिलाओं को अधिक सहज, सम्मानजनक और गुणवत्तापूर्ण मातृत्व सेवाएं उपलब्ध होंगी।

प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. तेजराम मीणा ने बताया कि इस व्यवस्था के तहत प्रशिक्षित नर्सिंग कर्मी, एएनएम अथवा चयनित महिला स्वास्थ्यकर्मी ‘प्रसव सखी’ के रूप में हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को भर्ती से लेकर प्रसव, प्रसवोत्तर देखभाल और डिस्चार्ज तक हर चरण में सहयोग, मार्गदर्शन तथा आवश्यक चिकित्सकीय सेवाओं से समन्वय उपलब्ध कराएंगी।

उन्होंने बताया कि 24 घंटे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य हेल्प डेस्क, 104 जननी एक्सप्रेस और प्रसव सखी व्यवस्था को एकीकृत किया गया है। इसके माध्यम से गर्भवती महिलाओं के लिए घर से अस्पताल तक सुरक्षित परिवहन और निर्बाध स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की गई हैं। इससे हाई रिस्क गर्भवतियों की सतत निगरानी, समय पर उपचार, प्रभावी रेफरल प्रबंधन और सुरक्षित संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिलेगा।

डॉ. तेजराम मीणा ने बताया कि जिला चिकित्सालय का महिला एवं प्रसूति विभाग आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। यहां 11 स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, 6 सीनियर रेजिडेंट तथा 20 डीएनबी रेजिडेंट चिकित्सकों की टीम जिले के साथ-साथ आसपास के जिलों एवं अन्य राज्यों से आने वाली प्रसूताओं को 24 घंटे गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध करा रही है।

उन्होंने बताया कि जिला चिकित्सालय में प्रतिवर्ष लगभग 10 हजार प्रसव सफलतापूर्वक कराए जाते हैं, जिनमें करीब 1,500 सीजेरियन प्रसव शामिल हैं। अस्पताल में गायनी आईसीयू, एसएनसीयू, मदर मिल्क बैंक सहित विभिन्न विशेष सुविधाएं संचालित हैं। प्रसव कक्ष को गुणवत्ता के लिए ‘लक्ष्य’ प्रमाणन प्राप्त है।

पीएमओ ने बताया कि हाल ही में बूंदी जिले के करवर क्षेत्र से गंभीर अवस्था में लाई गई हाई रिस्क गर्भवती तुलसा को समय पर उपचार और रक्त उपलब्ध कराकर सुरक्षित मातृत्व सेवाएं प्रदान की गईं, जिससे उसकी स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ।

जिला चिकित्सालय में शुरू हुई ‘प्रसव सखी’ व्यवस्था से हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को भर्ती से लेकर डिस्चार्ज तक निरंतर सहयोग और देखभाल मिल सकेगी। इससे सुरक्षित मातृत्व सेवाओं को और मजबूत करने की दिशा में मदद मिलेगी।

Pratahkal Newsroom

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