जिला अस्पताल में निजी प्रैक्टिस पर सख्ती, पीएमओ ने जारी किए कड़े निर्देश
पीएमओ डॉ. तेजराज मीणा ने डॉक्टरों को अस्पताल परिसर के बाहर से नाम पट्ट और बोर्ड हटाने के आदेश दिए, नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी दी।

सवाई माधोपुर स्थित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार का बाहरी दृश्य, जहां स्वास्थ्य विभाग की प्रशासनिक गतिविधियां संचालित होती हैं।
जिला अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा कथित रूप से निजी प्रैक्टिस किए जाने की शिकायतों के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए कड़े निर्देश जारी किए हैं। सामान्य चिकित्सालय के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) डॉ. तेजराज मीणा ने सभी चिकित्सकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे तत्काल प्रभाव से निजी प्रैक्टिस बंद करें तथा अस्पताल परिसर के बाहर लगाए गए अपने नाम पट्ट और बोर्ड हटाएं।
यह कार्रवाई उस समय सामने आई जब प्रमुख चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. अनिल जैमिनी के निर्देश पर 30 मई को चिकित्सा विभाग की टीम ने जिला अस्पताल के सामने संचालित अवैध डायग्नोस्टिक लैब और क्लीनिकों के खिलाफ अभियान चलाते हुए कई संस्थानों को नोटिस जारी किए थे। इस कार्रवाई में बिना पंजीकरण संचालित संस्थानों पर जुर्माना भी लगाया गया था, हालांकि इसके बावजूद अनियमितताओं की शिकायतें जारी रहीं।
पीएमओ द्वारा 1 जून को जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जिला अस्पताल में कार्यरत विशेषज्ञ चिकित्सकों को नॉन प्रैक्टिसिंग अलाउंस (एनपीए) दिया जाता है, जिसके तहत उनसे निजी प्रैक्टिस न करने की अपेक्षा की जाती है। आदेश में कहा गया है कि कुछ चिकित्सकों द्वारा अस्पताल के आसपास मेडिकल स्टोर, निजी भवनों और अन्य स्थानों पर नाम पट्ट लगाकर मरीजों को परामर्श देने की जानकारी प्राप्त हुई है, जो सेवा नियमों का उल्लंघन है।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि एनपीए प्राप्त करने वाले चिकित्सकों द्वारा निजी प्रैक्टिस करना गंभीर अनुशासनात्मक उल्लंघन माना जाएगा और ऐसे मामलों में संबंधित चिकित्सकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर एनपीए राशि की वसूली भी की जा सकती है।
पीएमओ ने वरिष्ठ चिकित्सकों को निगरानी सुनिश्चित करने और शिकायतों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि भविष्य में यदि किसी चिकित्सक द्वारा निजी प्रैक्टिस या अस्पताल परिसर के बाहर मरीजों का परामर्श देने की पुष्टि होती है तो उसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार होंगे और कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में पीएमओ डॉ. तेजराज मीणा ने बताया कि चिकित्सक अपने निजी निवास पर मरीज देख सकते हैं, लेकिन किसी भी मेडिकल स्टोर, निजी क्लीनिक या व्यावसायिक स्थल पर प्रैक्टिस की अनुमति नहीं है। वहीं सीएमएचओ डॉ. अनिल जैमिनी ने कहा कि इस मामले में विभागीय दिशा-निर्देशों की प्रतीक्षा की जा रही है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। साथ ही अवैध डायग्नोस्टिक लैब और क्लीनिकों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।

Pratahkal Bureau
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