सवाई माधोपुर में डिजिटल जनगणना शुरू, मकान सूचीकरण कार्य प्रारंभ
जिले के 17 चार्ज क्षेत्रों में एचएलओ मोबाइल एप के माध्यम से 33 बिंदुओं पर 15 लाख नागरिकों का डेटा डिजिटल रूप से संकलित किया जाएगा।

सवाई माधोपुर जिले में जनगणना-2027 के प्रथम चरण के तहत घर-घर जाकर मकान सूचीकरण और बुनियादी सुविधाओं का डेटा संकलित करते प्रगणक।
सवाई माधोपुर में जनगणना-2027 के प्रथम चरण “मकान सूचीकरण एवं मकान गणना” कार्य का विधिवत शुभारंभ हो गया है, जिसके तहत जिले के 17 चार्ज क्षेत्रों में प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों ने घर-घर पहुंचकर जनगणना संबंधी जानकारी एकत्रित करना प्रारंभ कर दिया है। पहले ही दिन जिलेभर में प्रशासनिक सक्रियता के साथ आमजन की सकारात्मक सहभागिता देखने को मिली।
प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिला कलक्टर काना राम के निर्देशन में यह अभियान 16 मई से 14 जून 2026 तक संचालित किया जा रहा है। इस दौरान जिले के लगभग 15 लाख नागरिकों का डेटा डिजिटल माध्यम से एचएलओ एप पर दर्ज किया जाएगा। यह पहली बार है जब जनगणना पूर्णतः मोबाइल एप आधारित डिजिटल प्रणाली से की जा रही है, जिससे आंकड़ों की पारदर्शिता, सटीकता एवं त्वरित संकलन सुनिश्चित होगा।
प्रगणक एवं पर्यवेक्षक घर-घर जाकर मकानों की स्थिति, उपयोग, निर्माण सामग्री, पेयजल, विद्युत, शौचालय, रसोई, गैस कनेक्शन, इंटरनेट, वाहन एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित जानकारी डिजिटल रूप से संकलित कर रहे हैं। साथ ही प्रत्येक भवन की वास्तविक लोकेशन की मैपिंग कर मकानों पर यूनिक नंबर अंकित किए जा रहे हैं। एचएलबी ब्लॉक के लिए प्रगणकों द्वारा नजरी नक्शा (ले-आउट मैप) भी तैयार किया जा रहा है, जिसमें सड़क, गली एवं प्रमुख स्थलों का विस्तृत विवरण दर्ज किया जा रहा है।
भारत सरकार, गृह मंत्रालय (भारत के महारजिस्ट्रार कार्यालय) द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार प्रथम चरण में कुल 33 बिंदुओं पर जानकारी संकलित की जा रही है, जिनमें भवन संख्या, मकान की निर्माण सामग्री, मकान का उपयोग एवं स्थिति, परिवार के सदस्यों की संख्या, परिवार के मुखिया का विवरण, पेयजल स्रोत, बिजली, शौचालय, स्नानघर, एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन, इंटरनेट सुविधा, मोबाइल फोन, वाहन एवं मुख्य खाद्यान्न उपभोग सहित सामाजिक एवं आधारभूत सुविधाओं से जुड़े विभिन्न विवरण शामिल हैं।
डिजिटल जनगणना प्रक्रिया में सुरक्षा प्रावधानों के तहत जिला कलक्टर काना राम ने स्पष्ट किया कि जनगणना कर्मियों की पहचान उनके पहचान पत्र पर अंकित क्यूआर कोड से की जा सकेगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि प्रगणक किसी भी स्थिति में ओटीपी, बैंक पासवर्ड, आधार का डिजिटल पिन अथवा अन्य गोपनीय जानकारी नहीं मांगेंगे तथा ऐसी कोई जानकारी साझा न की जाए।
उन्होंने यह भी बताया कि जनगणना अधिनियम के तहत एकत्र की गई समस्त जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय एवं विकास योजनाओं के उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
उप जिला जनगणना अधिकारी डॉ. डिम्पल गुर्जर ने बताया कि सभी प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को पूर्व में विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें डिजिटल एप्लिकेशन, जीपीएस आधारित मैपिंग एवं डेटा संकलन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई है। प्रत्येक प्रगणक को एप्लिकेशन मैनुअल एवं आवश्यक तकनीकी सामग्री उपलब्ध करवाई गई है।
जिला कलक्टर काना राम ने जिलेवासियों से अपील की है कि जनगणना दल को पूर्ण सहयोग प्रदान करें और सही एवं स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि जनगणना देश की विकास योजनाओं, संसाधनों के वितरण एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की आधारभूत प्रक्रिया है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को भी पूरी जिम्मेदारी, संवेदनशीलता एवं पारदर्शिता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं, ताकि जिले के सटीक एवं विश्वसनीय आंकड़े तैयार किए जा सकें।

Pratahkal Bureau
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