डाइट में दक्षता आधारित प्रश्न निर्माण कार्यशाला सम्पन्न, रटने के बजाय तर्क और सृजनात्मक सोच पर जोर
सवाई माधोपुर डाइट में दक्षता एवं उच्च सोच आधारित प्रश्न निर्माण पर चार दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न हुई। शिक्षकों को HOTS प्रश्न, ब्लूम्स टैक्सोनॉमी, गुणवत्ता जांच और डिजिटल असेसमेंट का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

तस्वीर में सवाई माधोपुर स्थित डाइट कार्यालय के सभागार में आयोजित चार दिवसीय कार्यशाला के दौरान उपस्थित शिक्षकगण और प्रशिक्षक नजर आ रहे हैं।
सवाई माधोपुर में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) के सीएमडीई प्रभाग में “दक्षता एवं उच्च सोच आधारित प्रश्न निर्माण, समीक्षा एवं असेसमेंट पोर्टल पर अपलोड” विषय पर आयोजित चार दिवसीय कार्यशाला का समापन हुआ। कार्यशाला में शिक्षा में रटने की प्रवृत्ति के बजाय विद्यार्थियों में तर्क, विश्लेषण और सृजनात्मक सोच को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन डाइट उप प्राचार्य राजेश गर्ग और सीएमडीई प्रभागाध्यक्ष श्रीकांत शर्मा के निर्देशन में हुआ। इसमें जिले के विभिन्न ब्लॉकों से आए शिक्षकों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनर राहुल सिंह गुर्जर और ओमप्रकाश मीना ने शिक्षकों को दक्षता आधारित प्रश्न निर्माण, उच्च सोच कौशल (HOTS) आधारित प्रश्नों की संरचना, प्रश्नों की समीक्षा एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के मानदंड तथा असेसमेंट पोर्टल पर प्रश्न अपलोड करने की चरणबद्ध प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
प्रशिक्षण के दौरान विशेष रूप से ब्लूम्स टैक्सोनॉमी के उच्च स्तरीय चिंतन कौशल, डिजिटल मूल्यांकन, मॉडल प्रश्न निर्माण और प्रश्नों की गुणवत्ता जांच पर जोर दिया गया। संभागियों ने विभिन्न विषयों और कक्षाओं के अनुरूप प्रश्न तैयार कर उनका आपसी मूल्यांकन एवं समीक्षा भी की।
सीएमडीई प्रभागाध्यक्ष श्रीकांत शर्मा ने बताया कि कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य दक्षता एवं उच्च सोच आधारित प्रश्नों के माध्यम से विद्यार्थियों में रटने के बजाय समझ, तर्क, विश्लेषण, अनुप्रयोग, मूल्यांकन एवं सृजनात्मक सोच को बढ़ावा देना था। साथ ही शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण प्रश्न-पत्र निर्माण और डिजिटल असेसमेंट के लिए दक्ष बनाना भी कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य रहा।
समापन अवसर पर डाइट उप प्राचार्य राजेश गर्ग ने संभागियों को संबोधित करते हुए दक्षता आधारित एवं उच्च सोच आधारित प्रश्नों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण प्रश्न निर्माण विद्यार्थियों की वास्तविक सीखने की क्षमता का आकलन करने के साथ-साथ उनमें उच्च स्तरीय चिंतन कौशल विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
संभागियों ने बताया कि कार्यशाला के माध्यम से उन्हें केवल प्रश्न निर्माण की तकनीक ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, विश्लेषण, समस्या समाधान एवं सृजनात्मक सोच विकसित करने वाले प्रश्न तैयार करने की नई दृष्टि भी प्राप्त हुई है। उन्होंने प्रशिक्षण को वर्तमान डिजिटल एवं दक्षता आधारित शिक्षा व्यवस्था के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
कार्यशाला के समापन में विजेंद्र फागना, हर्षवर्धन सिंह राठौड़, नीलम धनवानी, धर्म सिंह गुर्जर, देवेंद्र कुमार शर्मा, मनीष कुमार बैरवा, अभिषेक गौतम, पूजा मीणा, नरोत्तम शर्मा, सीमा नसीब, रश्मि शर्मा, प्रवीण कुमार गौतम, मीनाक्षी शर्मा, सोहेल मोहम्मद आदि संभागी उपस्थित रहे।

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur
नाम: हरक चंद जैन
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: सवाई माधोपुर (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जनहित के मुद्दे और स्थानीय समाचार (सवाई माधोपुर)
परिचय
हरक चंद जैन राजस्थान के सवाई माधोपुर क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से सवाई माधोपुर जिले के स्थानीय समाचारों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
हरक चंद जैन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 45 वर्षों का लंबा और व्यापक अनुभव है। अपने इस दीर्घकालिक करियर के दौरान वह कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक प्रातःकाल: पिछले 6 वर्षों से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' के साथ जुड़कर कार्यरत हैं।
- अन्य समाचार पत्र: इसके पूर्व उन्होंने धर्म दिवाकर, देश की धरती, जननायक, नवज्योति, नवभारत टाइम्स और महका भारत जैसे विभिन्न समाचार पत्रों के लिए पत्रकारिता की है।
