सवाई माधोपुर जिले के डेकवा गांव में ब्रिक्स सप्ताह के तहत कृषि विभाग की ओर से कृषक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें किसानों को समन्वित एवं प्राकृतिक खेती अपनाने के साथ दलहन और तिलहन फसलों का उत्पादन बढ़ाकर कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करना और उनकी आय बढ़ाने के लिए समन्वित प्रयासों को प्रोत्साहित करना रहा।

कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार लखपत लाल मीणा ने किसानों को समन्वित खेती, प्राकृतिक खेती तथा दलहन एवं तिलहन फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में किसानों के लिए परंपरागत खेती के साथ समन्वित कृषि प्रणाली अपनाना आवश्यक है। इस प्रणाली के तहत फसल उत्पादन के साथ पशुपालन, बागवानी, सब्जी उत्पादन और अन्य कृषि आधारित गतिविधियों को जोड़कर खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। इससे किसानों के लिए आय के विभिन्न स्रोत विकसित होंगे और कृषि जोखिम में भी कमी आएगी।

उन्होंने प्राकृतिक खेती का महत्व बताते हुए किसानों को रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों पर निर्भरता कम करने तथा जैविक खाद, जीवामृत, बीजामृत और अन्य प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा देने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती से मृदा स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ खेती की लागत कम करने में भी सहायता मिल सकती है।

इस दौरान कृषि अनुसंधान अधिकारी किशन लाल गुर्जर ने किसानों को कृषि संबंधी तकनीकी जानकारी दी। उन्होंने दलहन एवं तिलहन फसलों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए उन्नत किस्मों के प्रमाणित बीजों का उपयोग, बीजोपचार, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, समय पर बुवाई, उचित पौध संख्या तथा समसामयिक कीट एवं रोग प्रबंधन के महत्व को विस्तार से समझाया।

उन्होंने विशेष रूप से चना, सरसों, मूंग एवं उड़द जैसी प्रमुख दलहन एवं तिलहन फसलों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक कृषि पद्धतियां अपनाने पर जोर दिया। साथ ही किसानों को फसल चक्र में दलहनी फसलों को शामिल करने और फसल विविधीकरण अपनाने की सलाह दी। इससे भूमि की उर्वरता बनाए रखने के साथ उत्पादन एवं आर्थिक लाभ में वृद्धि की जा सकती है।

कार्यक्रम के दौरान किसानों को कृषि विभाग की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं, उन्नत कृषि तकनीकों एवं उपलब्ध सुविधाओं का लाभ लेने के लिए भी प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि कृषि क्षेत्र में नवीन तकनीकों, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर खेती को अधिक टिकाऊ, लाभकारी एवं आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur

नाम: हरक चंद जैन

वर्तमान पद: रिपोर्टर

कार्यक्षेत्र: सवाई माधोपुर (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जनहित के मुद्दे और स्थानीय समाचार (सवाई माधोपुर)

परिचय

हरक चंद जैन राजस्थान के सवाई माधोपुर क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से सवाई माधोपुर जिले के स्थानीय समाचारों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

हरक चंद जैन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 45 वर्षों का लंबा और व्यापक अनुभव है। अपने इस दीर्घकालिक करियर के दौरान वह कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों से जुड़े रहे हैं:

  • दैनिक प्रातःकाल: पिछले 6 वर्षों से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' के साथ जुड़कर कार्यरत हैं।
  • अन्य समाचार पत्र: इसके पूर्व उन्होंने धर्म दिवाकर, देश की धरती, जननायक, नवज्योति, नवभारत टाइम्स और महका भारत जैसे विभिन्न समाचार पत्रों के लिए पत्रकारिता की है।

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