सवाई माधोपुर: साइबर ठगी का मास्टरमाइंड बुद्धिप्रकाश मीणा गिरफ्तार
आरोपी बिना सिम के 22 मोबाइल और ऑटो क्लिकर सॉफ्टवेयर के जरिए वाई-फाई से एविएटर गेम के नाम पर ठगी का नेटवर्क चला रहा था।

सवाई माधोपुर के विज्ञान नगर में छापा मारकर पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार किया गया साइबर ठगी का मुख्य आरोपी बुद्धिप्रकाश मीणा और मौके से बरामद किए गए बिना सिम के 22 मोबाइल फोन व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण।
सवाई माधोपुर। जिला पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी और सनसनीखेज कामयाबी हासिल करते हुए ऑनलाइन ठगी के शातिर मास्टरमाइंड को दबोचने में सफलता पाई है। सुश्री ज्यैष्ठा मैत्रेयी, पुलिस अधीक्षक जिला सवाई माधोपुर के कुशल निर्देशन में, श्री विजय सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सवाई माधोपुर एवं श्री उदय सिंह मीना, पुलिस उपाधीक्षक शहर सवाई माधोपुर के निकटतम सुपरविजन में यह कार्रवाई की गई। श्री मदनलाल मीणा, पुलिस निरीक्षक थानाधिकारी पुलिस थाना कोतवाली सवाई माधोपुर के नेतृत्व में गठित विशेष पुलिस टीम ने विज्ञान नगर में पावर हाउस के पास स्थित एक मकान में अचानक दबिश दी। पुलिस ने मौके से साइबर ठगी के मास्टरमाइंड बुद्धिप्रकाश मीणा को रंगे हाथों गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 22 एंड्रॉएड मोबाइल फोन, एक एचपी कंपनी का लैपटॉप, एक एयरटेल कंपनी का वाई-फाई सिस्टम मय कनेक्टर सॉकेट, बिजली बोर्ड, दो चार्जर, 13 एटीएम कार्ड, चार बार कोड, दो चेक बुक और दो बैंक पासबुक बरामद कर जप्त की हैं।
इस पूरी सनसनीखेज वारदात का खुलासा दिनांक 17.05.26 को हुआ, जब श्री मुकेश कुमार सहायक उपनिरीक्षक (ASI) के नेतृत्व में पुलिस टीम को पुलिस अधीक्षक सवाई माधोपुर की साइबर शाखा से संदिग्ध मोबाइल नंबरों के संबंध में अत्यंत महत्वपूर्ण सूचना प्राप्त हुई थी। इस सटीक इनपुट के आधार पर पुलिस टीम ने विज्ञान नगर पावर हाउस के पास स्थित एक मकान पर छापा मारा। वहां एक किराए के कमरे में साइबर ठगी के साम्राज्य को ऑपरेट कर रहा मास्टरमाइंड आरोपी बुद्धिप्रकाश पुत्र भवानीशंकर, जाति मीणा, उम्र 28 साल, निवासी मीणा की झोपड़ी, थाना बनेठा, जिला टोंक रंगे हाथों पकड़ा गया। जब पुलिस ने मौके पर मिले सभी 22 मोबाइल फोन और लैपटॉप को एक-एक कर बारीकी से चेक किया, तो मोबाइलों के गूगल क्रोम (Chrome) ब्राउज़र में 'DAMAN' नाम से एक संदिग्ध ऐप बना हुआ मिला। जब पुलिस ने इसकी आईडी ओपन की तो उस पर 'FAKE SITE' लिखा हुआ पाया गया। इसे गहराई से खोलने पर 'एवीटर' (Aviator) नाम का एप्लिकेशन खुला।
पकड़े गए शातिर आरोपी बुद्धिप्रकाश मीणा ने पुलिस पूछताछ में अपनी बेहद चौंकाने वाली कार्यप्रणाली का पर्दाफाश करते हुए बताया कि वह इस चैनल पर एवीटर सिग्नल चाहने वाले लोगों को अपने मोबाइल पर संपर्क करने के लिए बल्क मैसेज भेजता था। इसके बाद एवीटर गेम खेलने वाले विभिन्न लोग, जो पहले ही अपना पैसा हार चुके होते थे, वे आरोपी से संपर्क साधते थे। आरोपी बुद्धिप्रकाश उन शिकार हुए लोगों को उनका पुराना लॉस (नुकसान) रिकवर कराने का झूठा प्रलोभन और लालच देकर मोटी रकम की ठगी करता था। आरोपी अधिकांश फोन का उपयोग एक साथ बड़े पैमाने पर मैसेज भेजने के लिए करता था, ताकि एक ही समय में ज्यादा से ज्यादा भोले-भाले ग्राहक उसके झांसे में आ सकें और वह उनसे फ्रॉड कर सके। वह इन सभी मोबाइलों को क्रोम में एवीटर नाम के ऐप से जोड़कर ऑटो क्लिकर (AUTO CLICKER) सॉफ्टवेयर के द्वारा वाई-फाई के माध्यम से एक बार में अनगिनत मैसेज सेंड करता था।
इस पूरे फ्रॉड नेटवर्क की सबसे शातिराना बात यह थी कि इन सभी 22 मोबाइलों में कोई भी सिम कार्ड मौजूद नहीं था। आरोपी इन सभी मोबाइल फोन और लैपटॉप को केवल वाई-फाई के माध्यम से ही ऑपरेट करता था ताकि पुलिस या कोई अन्य सुरक्षा एजेंसी उसकी लोकेशन को ट्रेस न कर सके। बिना सिम के इंटरनेट चलाकर वह अपनी लोकेशन छिपाए रखता था और इस बेहद शातिराना अंदाज में पूरी साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था। इसके अलावा वह अनजान ग्राहकों से फोन और इंटरनेट के माध्यम से लगातार ऑनलाइन संपर्क में रहता था। वह मोबाइल फोन में मौजूद विभिन्न फर्जी एप्लिकेशनों में पैसे इन्वेस्ट करने पर रकम को डबल (दुगुना) करने का झांसा देता था और फर्जी बिल भेजकर धोखाधड़ी करता था। इस फ्रॉड से कमाई गई काली कमाई की राशि को आरोपी अपने खुद के बैंक खातों और किराए पर लिए गए दूसरों के बैंक खातों में प्राप्त करता था। इस प्रकार आरोपी द्वारा दूसरों के पैसे हड़पकर अनुचित लाभ प्राप्त किया जाता था और अनजान ग्राहकों को भारी अनुचित हानि पहुंचाई जाती थी।
इस बड़ी और बेहद महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में मदनलाल पुलिस निरीक्षक थानाधिकारी थाना कोतवाली सवाई माधोपुर, श्री मुकेश कुमार सहायक उपनिरीक्षक, श्री हम्मीर हेड कांस्टेबल 323, श्री मनीष कांस्टेबल 1135, श्री रामभजन कांस्टेबल 291, श्री हेमंत कांस्टेबल 1402 एवं श्री शैतान कांस्टेबल 1185 शामिल रहे। पुलिस अब आरोपी के बैंक खातों और उसके पूरे नेटवर्क की सघन जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने अब तक देश भर में कितने लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है।

Pratahkal Newsroom
प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
