साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खण्डार थाना पुलिस ने विभिन्न राज्यों के लोगों को ऑनलाइन निवेश के नाम पर लाखों रुपये की साइबर ठगी का शिकार बनाने वाले आरोपी कपिल जाट को गिरफ्तार कर महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। आरोपी के कब्जे से एक एंड्रॉयड मोबाइल, दो सिम कार्ड तथा एक मोटरसाइकिल जब्त की गई है। मामले में अनुसंधान जारी है।

पुलिस अधीक्षक सवाई माधोपुर सुश्री ज्येष्ठा मैत्रेयी आईपीएस के निर्देशानुसार साइबर अपराध में शामिल अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विजय सिंह आरपीएस तथा वृत्ताधिकारी ग्रामीण श्री रामधन जाट आरपीएस के सुपरविजन में पुलिस निरीक्षक एवं थाना प्रभारी लक्ष्मण सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने यह कार्रवाई की।

साइबर अपराधों की रोकथाम एवं अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के उद्देश्य से थाना स्तर पर गठित विशेष पुलिस टीम ने आसूचना संकलित कर संदिग्ध कपिल जाट पुत्र बाबूलाल जाट, उम्र 26 वर्ष, निवासी सावंलपुर, थाना खण्डार को डिटेन किया। पुलिस टीम ने आरोपी के बैंक खातों तथा मोबाइल डेटा का विश्लेषण किया, जिसमें उसके बैंक खाते और मोबाइल नंबर के विरुद्ध साइबर पोर्टल पर ऑनलाइन निवेश के नाम पर कुल तीन शिकायतें दर्ज होना सामने आया।

साइबर पोर्टल, समन्वय पोर्टल, मोबाइल डेटा के अवलोकन तथा पूछताछ में सामने आया कि आरोपी कपिल जाट टेलीग्राम पर निवेश के नाम पर अधिक मुनाफे का लालच देकर लोगों को निवेश के लिए प्रेरित करता था। वह टेलीग्राम पर इन्वेस्टमेंट लिंक भेजकर ग्राहकों से व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क करता था और निवेश के नाम पर झांसा देकर लाखों रुपये साइबर धोखाधड़ी से अपने खातों में ट्रांसफर करवाकर निकाल लेता था।

जांच में सामने आया कि साइबर पोर्टल (1930) पर दर्ज तीन शिकायतों में 22 मार्च 2026 को कोटा शहर निवासी राहुल से टेलीग्राम पर निवेश का झांसा देकर 3,000 रुपये की साइबर ठगी की गई। 12 जनवरी 2026 को राजकोट (गुजरात) निवासी आनंद पंखनिया से व्हाट्सएप और टेलीग्राम के माध्यम से निवेश का झांसा देकर 56,568 रुपये की साइबर धोखाधड़ी की गई। वहीं 27 अक्टूबर 2025 को साकीनाका (मुंबई, महाराष्ट्र) निवासी राहुल यादव से व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर निवेश के नाम पर 23,991 रुपये की साइबर धोखाधड़ी की गई।

पूछताछ में आरोपी कपिल जाट ने बताया कि वह करीब एक वर्ष से साइबर अपराध कर रहा था। वह विभिन्न ऑनलाइन साइटों से लोगों के मोबाइल नंबर जुटाता था और अलग-अलग सिम कार्ड से व्हाट्सएप पर पार्ट टाइम जॉब के मैसेज भेजता था। जो लोग रुचि दिखाते थे, उन्हें टास्क के बहाने टेलीग्राम चैट पर ले जाकर छोटे-छोटे निवेश के लिए प्रेरित करता था। इसके बाद अपने तथा अपने परिचितों के बैंक खातों के स्कैनर भेजकर उनसे रुपये ट्रांसफर करवाता था। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने इस प्रकार कई लोगों को अपने झांसे में लेकर लाखों रुपये कमाए, जिन्हें उसने अपनी व्यक्तिगत जरूरतों तथा शौक-मौज में खर्च किया।

दिनांक 26 जून 2026 को आरोपी कपिल जाट के कब्जे से एक एंड्रॉयड मोबाइल, दो सिम कार्ड तथा एक मोटरसाइकिल जब्त कर उसे गिरफ्तार किया गया। आरोपी के विरुद्ध थाना खण्डार में प्रकरण संख्या 174/2026 धारा 318(4), 319(2), 111(2)(B) भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं 66C, 66D आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान जारी है।

इस कार्रवाई में एएसआई श्री विजय सिंह, सहायक उपनिरीक्षक श्री नन्दराम, कांस्टेबल श्री महेन्द्र जाखड़ (1615) तथा कांस्टेबल श्री विजयपाल (1059) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विशेष रूप से कांस्टेबल श्री महेन्द्र जाखड़ (1615) का योगदान उल्लेखनीय रहा।

पुलिस ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्राप्त होने वाले किसी भी प्रकार के प्रलोभन वाले संदेशों को नजरअंदाज करें। किसी भी APK लिंक या संदिग्ध फाइल पर क्लिक न करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें अथवा साइबर पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही किसी भी परिचित या अपरिचित व्यक्ति को अपनी सिम अथवा बैंक खाते का उपयोग करने के लिए उपलब्ध न कराएं।

यह कार्रवाई साइबर अपराधियों के विरुद्ध पुलिस की सक्रिय रणनीति का महत्वपूर्ण उदाहरण है। मामले की जांच जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में साइबर ठगी से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण तथ्य भी सामने आएंगे।

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Pratahkal Bureau

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