सवाई माधोपुर: सवा साल से फरार दो साइबर ठग गिरफ्तार, सट्टे के पैसों का करते थे लेन-देन
मानटाउन थाना पुलिस ने एक मुकदमे में वांछित चल रहे आरोपी समुद्र सिंह और भागचंद को पकड़ा, आरोपियों के बैंक खाते टेलीग्राम और ऑनलाइन सट्टा गिरोह से जुड़े थे।

राजस्थान के सवाई माधोपुर में साइबर अपराधियों और सट्टेबाजों के खिलाफ जिला पुलिस ने एक बड़ी और प्रभावी कार्यवाही को अंजाम दिया है। सुश्री ज्येष्ठा मैत्रेयी, आईपीएस, जिला पुलिस अधीक्षक महोदय, जिला सवाई माधोपुर के कुशल निर्देशन में एवं श्री विजयसिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सवाई माधोपुर व श्री उदय सिंह, पुलिस उपाधीक्षक, शहर सवाई माधोपुर के सुपरविजन में यह सफलता हासिल हुई है। श्री सुनील कुमार गुप्ता, पुलिस निरीक्षक, थानाधिकारी, थाना मानटाउन के कुशल नेतृत्व में गठित विशेष पुलिस टीम ने सवा साल से लगातार फरार चल रहे दो वांछित आरोपियों को दबोचने में कामयाबी हासिल की है। दिनांक 22.05.2026 को टीम प्रभारी श्री कमलेश शर्मा, सहायक उप-निरीक्षक मय टीम श्री राजेश खन्ना, सहायक उप-निरीक्षक, श्री जगदीश, कांस्टेबल नंबर 1366 तथा श्री हरिसिंह, कांस्टेबल नंबर 1133 ने तत्परता दिखाते हुए दोनों आरोपियों को उनके पैतृक गांवों से डिटेन कर पुलिस अभिरक्षा में लिया।
पकड़े गए आरोपियों में पहला आरोपी समुद्र सिंह पुत्र श्री राजमल, उम्र 27 साल, जाति मीना, निवासी बीलोपा, थाना चौथ का बरवाड़ा, जिला सवाई माधोपुर है, जिसे ग्राम बिलोपा से डिटेन किया गया। वहीं दूसरा आरोपी भागचंद पुत्र श्री धनपाल, जाति मीना, उम्र 34 साल, निवासी गम्भीरा, थाना कोतवाली सवाई माधोपुर है, जिसे ग्राम गम्भीरा से डिटेन किया गया। इन दोनों आरोपियों के खिलाफ मानटाउन थाने में दर्ज प्रकरण संख्या मुकदमा नंबर 18/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 336(3), 338, 340(2), 61(2)(A) BNS, सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की धारा 66C, 66D, और राजस्थान सार्वजनिक द्यूत अध्यादेश (RPGO) की धारा 13 के तहत संगीन मामले दर्ज हैं। दोनों आरोपी लंबे समय से कानून की गिरफ्त से बचने के लिए छिप रहे थे और इनके खिलाफ माननीय न्यायालय ए.सी.जे.एम. (ACJM) न्यायालय, सवाई माधोपुर से गिरफ्तारी वारंट भी जारी हो चुके थे। पुलिस टीम दोनों को थानों पर लेकर आई और विधिवत रूप से गिरफ्तार कर लिया।
इस पूरे सनसनीखेज मामले के घटना विवरण के अनुसार, दिनांक 16.01.2025 को तत्कालीन थानाधिकारी अवतार सिंह द्वारा राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल, मानटाउन के सामने स्थित खाली ग्राउंड से दो मुख्य आरोपियों चेतनराज मीना और जितेश कुमार मीना को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। पुलिसिया जांच और अनुसंधान में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ था कि ये आरोपी आम जनता को जाल में फंसाने के लिए फर्जी सिम कार्डों, टेलीग्राम चैनलों (जैसे: Virat Match Prediction, Jack Sparrow आदि), इंस्टाग्राम और फेसबुक आईडी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहे थे। ये ठग भोले-भाले लोगों को बहुत ही कम समय में उनका पैसा चार गुना करने का झांसा देते थे। इसके साथ ही, शेयर मार्केट के फर्जी व कूटरचित स्टेटमेंट भेजकर और कल्याण सट्टा आदि के जरिए लोगों से लाखों-करोड़ों रुपए की देशव्यापी धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे थे।
जब पुलिस ने पकड़े गए पूर्व आरोपियों के मोबाइल फोन और क्रोम ब्राउज़र की हिस्ट्री (जैसे laser247.club) को गहनता से खंगाला, तो अवैध सट्टे और ऑनलाइन ठगी के इस काले साम्राज्य की परतें खुलती चली गईं। जांच में यह तथ्य पूरी तरह प्रमाणित हुआ कि ये लोग ठगी और अवैध सट्टे की इस काली कमाई को सुरक्षित ट्रांसफर व विड्रोल करने के लिए विभिन्न डमी और साधारण लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल कर रहे थे। गहन तकनीकी अनुसंधान से यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि फरार चल रहे आरोपी समुद्र सिंह एवं भागचंद के बैंक खाते भी इस गिरोह से सीधे तौर पर लिंक थे। इन दोनों के खातों में ठगी की अवैध राशि का विड्रोल (लेन-देन) साफ तौर पर प्रदर्शित हुआ था। इस वारदात के बाद से ही पुलिस कार्रवाई के डर से आरोपी समुद्र सिंह और भागचंद लगातार फरार चल रहे थे। इस संपूर्ण और महत्वपूर्ण कार्यवाही में मानटाउन थाने के श्री कमलेश शर्मा, सहायक उप-निरीक्षक की अत्यंत अहम और सराहनीय भूमिका रही है, जिनकी सटीक रणनीति से इन शातिर साइबर ठगों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जा सका है।

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