सवाई माधोपुर: साइबर ठगी में 2 साल से फरार स्थाई वारंटी गिरफ्तार
सवाई माधोपुर की मानटाउन पुलिस ने साइबर अपराधियों को बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से वांछित चल रहा था।

तस्वीर में सवाई माधोपुर पुलिस द्वारा साइबर ठगी के मामले में गिरफ्तार किया गया आरोपी लोकेश दिख रहा है।
सवाई माधोपुर के मानटाउन थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए साइबर ठगी के मामले में दो साल से फरार चल रहे एक स्थाई वारंटी को गिरफ्तार किया है। आरोपी साइबर अपराधियों को कमीशन के बदले अपना बैंक खाता उपलब्ध कराता था, जिसका उपयोग ठगी की राशि के लेनदेन में किया जाता था।
जिला पुलिस अधीक्षक सुश्री ज्येष्ठा मैत्रेयी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय सिंह और शहर कार्यवाहक पुलिस उपाधीक्षक जयप्रकाश अटल के सुपरविजन में मानटाउन थानाधिकारी सुनील कुमार गुप्ता के नेतृत्व में पुलिस टीम ने यह सफलता प्राप्त की। पुलिस ने प्रकरण संख्या 18/2025 (धारा 318(4), 336(3), 338, 340(2), 61(2)(1) बीएनएस एवं 13 आरपीजीओ/66 आईटी एक्ट) में वांछित आरोपी लोकेश (22) पुत्र टीकाराम, निवासी बलरिया, थाना चौथ का बरवाड़ा को गिरफ्तार किया है। आरोपी के विरुद्ध अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय से गिरफ्तारी के लिए स्थाई वारंट जारी किया गया था। इस मामले में पूर्व में चेतनराज, जीतेश कुमार, समुन्द्र सिंह और भागचन्द को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
पुलिस जांच में सामने आया कि लोकेश साइबर ठगों को अपना बैंक खाता कमीशन के एवज में इस्तेमाल करने देता था। यह खाता 'म्यूल अकाउंट' के रूप में साइबर ठगी से प्राप्त राशि के संग्रहण और हस्तांतरण का जरिया बना हुआ था। ठग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे टेलीग्राम, व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर फर्जी चैनल बनाकर खुद को शेयर मार्केट, ट्रेडिंग एवं निवेश का विशेषज्ञ बताते थे। ये अपराधी फर्जी स्क्रीनशॉट और अत्यधिक मुनाफे के झूठे दावे कर लोगों को विश्वास में लेते थे। पीड़ितों से निवेश, ट्रेडिंग, मैच प्रिडिक्शन और सट्टा के नाम पर राशि जमा करवाई जाती थी और वास्तविक अपराधियों की पहचान छिपाने के लिए इस राशि को आरोपी के खाते सहित अन्य म्यूल खातों एवं फर्जी आईडी के जरिए स्थानांतरित किया जाता था। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में मानटाउन थाने के कांस्टेबल हरिसिंह (1133) की भूमिका अहम रही। आरोपी की गिरफ्तारी में थानाधिकारी सुनील कुमार गुप्ता, कांस्टेबल हरिसिंह और कांस्टेबल अशोक (1357) की विशेष टीम शामिल रही।

