सवाई माधोपुर: साइबर अपराध रोकथाम हेतु विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा विधि महाविद्यालय में छात्रों और आमजन को डिजिटल ठगी से बचाव और 1930 हेल्पलाइन के उपयोग की जानकारी दी गई।

शहीद कैप्टन रिपुदमन सिंह विधि महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान साइबर सुरक्षा पर जानकारी साझा करतीं सचिव समीक्षा गौतम और उपस्थित पुलिस अधिकारी।
कार्यक्रम का विवरण और अध्यक्षता
13 फरवरी 2026, सवाई माधोपुर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर की सचिव समीक्षा गौतम की अध्यक्षता में शुक्रवार को शहीद कैप्टन रिपुदमन सिंह विधि महाविद्यालय सवाई माधोपुर में साइबर अपराधों की रोकथाम के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
उपस्थित अतिथि एवं गणमान्य नागरिक
- असिस्टेंट लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल अक्षय सिंह राजावत।
- पैनल अधिवक्ता तपेश जैन।
- विधि महाविद्यालय के वाइस प्रिंसीपल महेश चन्द त्यागी और असिस्टेंट प्रोफेसर आनन्द गौतम।
- विधि महाविद्यालय के अन्य स्टाफकर्मी और लॉ स्टूडेण्ट।
- दक्ष कॉन्वेन्ट स्कूल की प्रिंसीपल प्रज्ञा स्वामी एवं विद्यालय के विद्यार्थी।
- साइबर थाना सवाई माधोपुर से एसआई जगदीश प्रसाद, एएसआई राजबब्बर सिंह, कांस्टेबल महेश जाट और प्रोग्रामर रोनित जैन।
सचिव समीक्षा गौतम का संबोधन
सचिव समीक्षा गौतम ने बताया कि:
"कम्प्यूटर, मोबाईल एवं अन्य डिजिटल उपकरणों एवं नेटवर्क का उपयोग करके किये जाने वाले सभी प्रकार के अवैध और अनधिकृत कार्य साइबर अपराध की श्रेणी में आते है। कम्प्यूटर, मोबाईल एवं अन्य डिजिटल उपकरणों का उपयोग करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। किसी अनजान नंबर से भेजे गए लिंक, फाईल आदि पर क्लिक करने से बचना चाहिए। अनजान नंबर से भेजे गए लिंक, फाईल पर क्लिक करने से आमजन ठगी का शिकार हो सकते है, साथ ही आमजन की निजी जानकारी का दुरूपयोग होकर उनकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है। आजकल आपराधिक किस्म के लोग जल्दी पैसा कमाने के लालच में आमजन को साइबर ठगी का शिकार बना रहे है। शिक्षा के अभाव में एवं साइबर अपराधों के बारे में जानकारी नहीं होने के कारण लोग साइबर ठगी का शिकार बन रहे है। आमजन को साइबर अपराधों से बचाव के उपायों के संबंध में जागरूक रहने की आवश्यकता है।"
साइबर ठगी के प्रकार एवं सुरक्षा उपाय
आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में साइबर थाना सवाई माधोपुर के एएसआई राजबब्बर ने निम्नलिखित विषयों पर जानकारी प्रदान की:
- सस्ती वस्तु विज्ञापन संबंधी ठगी, डिजिटल अरेस्ट संबंधी ठगी, ई ट्रेडिंग, ऑनलाईन गेमिंग, ऑनलाईन रोजगार संबंधी ठगी, बैंकिंग फ्रॉड, लॉटरी के नाम पर ठगी, फर्जी लोन एप के माध्यम से ठगी और सेक्सटॉर्शन।
- बचाव के उपाय: टू स्टेप वैरिफिकेशन तथा संचार साथी एवं चक्षु एप, ई स्केन बोट एप, एम कवच 2 एप, टैफकॉप आदि का उपयोग।
शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया
एएसआई राजबब्बर द्वारा किसी भी प्रकार के साइबर अपराध एवं ठगी का शिकार होने पर साइबर क्राइम हेल्पलाईन नंबर 1930 पर कॉल करके या साइबर क्राइम पोर्टल पर आवेदन करके अपनी शिकायत दर्ज करवाने के संबंध में जानकारी प्रदान की गई।
संवाद और शंका समाधान
इस दौरान विधि महाविद्यालय के लॉ स्टूडेण्ट, स्टाफर्मियों द्वारा साइबर थाना पुलिस कर्मियों एवं पैनल अधिवक्ता तपेश जैन, असिस्टेंट लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल अक्षय सिंह राजावत से संवाद कर साइबर अपराधों से संबंधित अपनी शंकाओं को दूर किया गया एवं अपन प्रश्नों, शंकाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की गई।
इस दौरान विधि महाविद्यालय के वाइस प्रिंसीपल महेश चन्द त्यागी एवं असिस्टेंट प्रोफेसर आनन्द गौतम ने भी उपस्थित छात्रों को साइबर अपराधों के बारे में सजग रहने के संबंध में जानकारी प्रदान की गई।

Pratahkal Bureau
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