सवाई माधोपुर जिले के रवांजना डूंगर थाना पुलिस ने वांछित अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए जानलेवा हमले के मामले में दो माह से फरार चल रहे आरोपी चचेरे भाई को गिरफ्तार करने में कामयाबी पाई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त लकड़ी का डंडा भी बरामद कर लिया है।

भरतपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक, सवाई माधोपुर पुलिस अधीक्षक सुश्री ज्येष्ठा मैत्रेयी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय सिंह मीना और पुलिस उपाधीक्षक ग्रामीण हंसराज बैरवा के निर्देशन में यह कार्रवाई अमल में लाई गई। रवांजना डूंगर थानाधिकारी दिलीप कुमार के नेतृत्व में उपनिरीक्षक बलवीर सिंह की टीम ने मुखबिर की पुख्ता सूचना पर 29 मई 2026 को फलोदी स्थित शराब के ठेके के समीप दबिश दी। वहां से 27 वर्षीय आरोपी राजेंद्र पुत्र घनश्याम, निवासी भगवानपुरा, थाना रवांजना डूंगर को डिटेन कर थाना लाया गया। गहन अनुसंधान और जुर्म प्रमाणित होने पर पुलिस ने उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।

इस मामले की घटना 31 मार्च 2026 को दर्ज कराई गई थी, जब फरियादी कालू पुत्र बाबूलाल बैरवा ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि वह अपने घर पर बैठा था, तभी उसका चचेरा भाई राजेंद्र दीवार फांदकर अंदर आया और आते ही लकड़ी के डंडे से उसके सिर तथा शरीर पर जानलेवा हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस घटना के बाद थाना रवांजना डूंगर में मुकदमा संख्या 70/2026 धारा 115(2), 126(2), 109(1), 352 बीएनएस 2023 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था। इस संपूर्ण कार्यवाही में हेड कांस्टेबल सुमेर सिंह की विशेष भूमिका रही। पुलिस टीम में थानाधिकारी दिलीप कुमार, उपनिरीक्षक बलवीर सिंह, हेड कांस्टेबल सुमेर सिंह, कांस्टेबल बसराम और कांस्टेबल शीशराम शामिल रहे।

Pratahkal Newsroom

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