निर्माण कार्य पर 1% उपकर अनिवार्य, सवाई माधोपुर में 451 से अधिक लोगों को नोटिस
सवाई माधोपुर में निर्माण कार्यों पर 1% उपकर को लेकर 451 से अधिक नोटिस जारी, जमा नहीं करने पर ब्याज, पेनल्टी और वसूली कार्रवाई होगी।

सवाई माधोपुर में निर्माण कार्य कराने वालों पर अब भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार (श्रमिक) कल्याण उपकर अधिनियम, 1996 (बीओसीडब्ल्यू) के तहत उपकर जमा कराने की कार्रवाई तेज कर दी गई है। उपकर जमा नहीं कराने की स्थिति में कुर्की सहित अन्य वसूली कार्रवाई की जा सकती है। श्रम विभाग ने मुख्य नियोजक और ठेकेदारों को निर्माण से जुड़े दस्तावेज अथवा स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का अवसर दिया है।
राज्य के सभी जिलों में लागू भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार (श्रमिक) कल्याण उपकर अधिनियम, 1996 के तहत प्रदेश में 27 जुलाई, 2009 के बाद निर्मित सरकारी, वाणिज्यिक और निजी (आवासीय) भवनों तथा निर्माण कार्यों की लागत पर एक प्रतिशत उपकर (सेस) देय है। राजस्थान में अभी तक किसी भी वर्ग या निर्माण कार्य पर उपकर राशि की छूट नहीं दी गई है।
भवन निर्माण कराने वाले मालिकों और नियोजकों के लिए निर्माण कार्य शुरू होने की सूचना 30 दिवस की अवधि में निर्धारित प्रपत्र में श्रम विभाग को देना आवश्यक है। निर्माण कार्य पूर्ण होने या उपकर राशि निर्धारण होने की 30 दिवस की अवधि में, जो भी पहले हो, उपकर संग्रहक को राशि जमा कराना जरूरी है। यदि किसी प्रोजेक्ट या निर्माण कार्य की अवधि एक वर्ष से अधिक है तो एक वर्ष की अवधि पूरी होने के 30 दिवस के भीतर देय उपकर राशि जमा करानी होगी। नियोजक द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य की अनुमानित लागत पर देय उपकर अग्रिम रूप से भी जमा कराया जा सकता है।
उपकर (सेस) के तहत वसूली जाने वाली राशि निर्माण श्रमिकों के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं में खर्च की जाती है। सहायक श्रम आयुक्त सवाई माधोपुर राकेश कुमार मीना ने बताया कि 27 जुलाई, 2009 के बाद निर्मित सरकारी, वाणिज्यिक और निजी आवासीय भवनों व निर्माण कार्यों को उपकर (सेस) के दायरे में रखा गया है।
उन्होंने बताया कि 10 लाख रुपये से कम लागत में बनाए गए आवासीय भवनों को उपकर सेस के दायरे से बाहर रखा गया है। यदि कोई आवासीय भवन 10 लाख रुपये से अधिक लागत से बनता है तो उससे भी एक प्रतिशत (सेस) वसूला जाएगा। वहीं व्यवसायिक भवन निर्माण करवाने पर कोई छूट नहीं है।
इस अधिनियम के तहत सहायक श्रम आयुक्त सवाई माधोपुर द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 में 451 से अधिक निर्माण स्थल, जिनमें आवासीय और व्यवसायिक निर्माण शामिल हैं, के मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं। उपकर निर्धारण आदेश जारी होने के बाद निर्धारित समय में राशि जमा नहीं कराने पर वसूली के लिए प्रकरण जिला कलक्टर काना राम को प्रेषित किए जाएंगे।
श्रम विभाग की ओर से प्रारम्भ में मुख्य नियोजक और ठेकेदार को निर्माण से संबंधित दस्तावेज अथवा स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का अवसर दिया जा रहा है। नोटिस के बाद भी उपकर (सेस) जमा नहीं कराने पर श्रम विभाग स्वयं निर्माण की लागत निकालकर मुख्य नियोजक और ठेकेदार के विरुद्ध एक पक्षीय उपकर सेस निर्धारण आदेश जारी करेगा।
उपकर राशि देय होने की अवधि में जमा नहीं कराने पर नियोजक पर 24 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज आरोपित किए जाने का प्रावधान है। श्रम आयुक्त महोदया द्वारा अधिक से अधिक भवन नियोजकों को नोटिस जारी कर उपकर सेस जमा करवाने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसा नहीं करने पर एक पक्षीय कार्यवाही की जाएगी। इसके अतिरिक्त उपकर निर्धारण आदेश की दिनांक से निर्धारित अवधि में उपकर जमा नहीं कराने पर 100 प्रतिशत पेनल्टी का प्रावधान है।
उपकर राशि जमा नहीं कराने की स्थिति में ब्याज और पेनल्टी सहित वसूली की कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि यदि किसी निर्माणकर्ता ने नगर परिषद, नगर पालिका या नगर निगम में नक्शा स्वीकृति के समय उपकर की अनुमानित राशि जमा करवाई है, तो भी अंतिम उपकर निर्धारण राशि कार्यालय सहायक श्रम आयुक्त, सवाई माधोपुर में जमा करवाना आवश्यक होगा।

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur
नाम: हरक चंद जैन
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: सवाई माधोपुर (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जनहित के मुद्दे और स्थानीय समाचार (सवाई माधोपुर)
परिचय
हरक चंद जैन राजस्थान के सवाई माधोपुर क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से सवाई माधोपुर जिले के स्थानीय समाचारों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
हरक चंद जैन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 45 वर्षों का लंबा और व्यापक अनुभव है। अपने इस दीर्घकालिक करियर के दौरान वह कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक प्रातःकाल: पिछले 6 वर्षों से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' के साथ जुड़कर कार्यरत हैं।
- अन्य समाचार पत्र: इसके पूर्व उन्होंने धर्म दिवाकर, देश की धरती, जननायक, नवज्योति, नवभारत टाइम्स और महका भारत जैसे विभिन्न समाचार पत्रों के लिए पत्रकारिता की है।
