सवाई माधोपुर: जल जीवन मिशन में लापरवाही पर कलक्टर का कड़ा प्रहार, एक्सईएन को थमाई चार्जशीट, ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट
सवाई माधोपुर जिला कलक्टर काना राम ने जल जीवन मिशन में लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए एक्सईएन संतोष कुमार को 17 सीसीए की चार्जशीट देने और लापरवाह ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में अनुपस्थित एक्सईएन युधिष्ठिर मीना पर भी गाज गिरी है। पढ़ें, विकास कार्यों में देरी पर प्रशासन की इस बड़ी कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट।

सवाई माधोपुर। सरकार की महत्वाकांक्षी 'जल जीवन मिशन' योजना में ढिलाई और ठेकेदारों की मनमानी अब अधिकारियों पर भारी पड़ने लगी है। सवाई माधोपुर में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान जिला कलक्टर काना राम का रौद्र रूप देखने को मिला, जहां उन्होंने कार्य के प्रति उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों की क्लास लगाते हुए पीएचईडी के अधिशाषी अभियंता (XEN) को सीधे चार्जशीट थमाने के निर्देश दे दिए। कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को आयोजित जिला जल एवं स्वच्छता समिति की बैठक महज एक औपचारिक चर्चा नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने का एक सख्त मंच बन गई।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे जिला कलक्टर काना राम ने जब मिशन के अंतर्गत स्वीकृत जलयोजनाओं की धरातलीय प्रगति जांची, तो कई विसंगतियां सामने आईं। कलक्टर ने इस बात पर गहरी नाराजगी जताई कि कई ठेकेदारों ने कार्यादेश मिलने के बावजूद काम शुरू नहीं किया है, जबकि कुछ ने बीच में ही काम रोककर जनता की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने अधीक्षण अभियंता (SE) पीएचईडी बीएस मीना को स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे लापरवाह ठेकेदारों को तत्काल चिन्हित कर उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
प्रशासनिक हंटर यहीं नहीं रुका। समय पर कार्य पूर्ण न करने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध कार्रवाई में ढिलाई बरतने पर कलक्टर ने एक्सईएन पीएचईडी संतोष कुमार को 17 सीसीए के तहत चार्जशीट देने के आदेश जारी कर दिए। इसके साथ ही, बिना किसी पूर्व सूचना के बैठक से नदारद रहने वाले अधिशाषी अभियंता युधिष्ठिर मीना के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। कलक्टर ने डेटा में हेरफेर और बेमेल रिपोर्ट पेश करने वाले एक्सईएन और एईएन को भी चेतावनी दी है कि गलत जानकारी देने पर उनके विरुद्ध भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
आमजन को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से कलक्टर ने लंबित एफएचटीसी (हर घर जल संबंध) आवेदनों को 10 फरवरी तक अनिवार्य रूप से ऑनलाइन करने की समयसीमा तय की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन गांवों में कनेक्शन पूर्ण हो चुके हैं, वहां 'हर घर जल' प्रमाणन की गति में सुधार लाया जाए। बैठक के दौरान विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य केंद्रों और ग्राम पंचायत भवनों में पेयजल की उपलब्धता, बकाया विद्युत कनेक्शनों और सड़क कटिंग मरम्मत जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा की गई। कलक्टर के इन कड़े तेवरों ने जिले के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है, जिससे यह साफ संदेश गया है कि जनहित के कार्यों में किसी भी स्तर की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Pratahkal Bureau
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