सवाई माधोपुर: अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने के लिए 24 घंटे सक्रिय रहेगा कंट्रोल रूम
जिला प्रशासन ने जीरो टोलरेंस नीति के तहत हेल्पलाइन नंबर जारी किए और टेंट-हलवाई सहित सभी सहयोगियों को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

राजस्थान की सांस्कृतिक परंपराओं के बीच अक्षय तृतीया (आखातीज) और पीपल पूर्णिमा जैसे अबूझ सावां की आड़ में होने वाले बाल विवाहों को जड़ से मिटाने के लिए सवाई माधोपुर जिला प्रशासन ने इस वर्ष अभूतपूर्व सख्ती दिखाई है। जिला कलक्टर काना राम ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए जिले में ‘जीरो टोलरेन्स’ की नीति लागू कर दी है, जिसके तहत संभावित बाल विवाहों की रोकथाम के लिए कड़े निगरानी तंत्र और सघन जनजागरूकता अभियान का शंखनाद किया गया है।
प्रशासनिक मुस्तैदी को धरातल पर उतारते हुए जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट में एक जिला स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। यह नियंत्रण कक्ष न केवल सामान्य कार्यदिवसों में, बल्कि राजपत्रित अवकाशों के दौरान भी प्रतिदिन 24 घंटे निरंतर संचालित रहेगा। कलक्टर के आदेशानुसार, संस्थापन अधिकारी लक्ष्मण लाल मीना को इस कंट्रोल रूम का प्रभारी नियुक्त किया गया है, जो दूरभाष नंबर 07462-220602 एवं 220201 के माध्यम से सूचनाओं पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक विमलेश कुमार ने इस अभियान की कानूनी गंभीरता को रेखांकित करते हुए चेतावनी दी है कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के अंतर्गत बाल विवाह संपन्न कराना, उसे प्रोत्साहित करना या उसमें किसी भी प्रकार का सहयोग देना एक गंभीर दंडनीय अपराध है। इस कुरीति पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ जमीनी स्तर के तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। पटवारी, ग्राम विकास अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक, स्वास्थ्यकर्मी, महिला सुरक्षा सखी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे अपने क्षेत्रों में एक-एक गतिविधि पर नजर रखें।
अभियान की व्यापकता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रशासन ने विवाह आयोजनों से जुड़े हर वर्ग तक अपनी पहुंच बनाई है। हलवाई, बैंड-बाजा टोली, टेंट व्यवसायी, प्रिंटिंग प्रेस संचालक, धर्मगुरु और परिवहनकर्ताओं को स्पष्ट रूप से जागरूक किया गया है कि वे बाल विवाह का हिस्सा न बनें। इसके साथ ही, विद्यालयों, ग्राम सभाओं और सामुदायिक बैठकों के माध्यम से समाज की चेतना को झकझोरने का प्रयास किया जा रहा है ताकि सामाजिक स्तर पर एक सकारात्मक बदलाव सुनिश्चित हो सके।
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों और स्वयंसेवी संस्थाओं से इस सामाजिक बुराई के विरुद्ध एकजुट होने का आह्वान किया है। किसी भी बाल विवाह की सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, जिला कंट्रोल रूम, 181 कॉल सेंटर या नजदीकी पुलिस थाने को देने की अपील की गई है। प्रशासन का यह सख्त रुख स्पष्ट संदेश देता है कि मासूमों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और समय रहते प्रभावी कानूनी कार्रवाई से इस कुप्रथा का अंत किया जाएगा।

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