सवाई माधोपुर, 20 अप्रैल 2026। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर के आदेशानुसार, सचिव समीक्षा गौतम के कड़े निर्देशन में जिले ने बाल विवाह की कुप्रथा के विरुद्ध एक बड़ी सफलता अर्जित की है। अक्षय तृतीया के अबूझ सावे पर जिले में होने वाले 5 बाल विवाहों को विधिक तंत्र की सक्रियता से समय रहते रुकवा दिया गया। वर्तमान में सम्पूर्ण जिले में बाल विवाह रोकथाम हेतु विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत जागरूकता शिविरों और बाल निषेध रैलियों के माध्यम से समाज को इस कुरीति के विरुद्ध एकजुट किया जा रहा है।

प्रशासनिक स्तर पर आमजन को स्पष्ट संदेश दिया जा रहा है कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के अनुसार बाल विवाह पूर्णतः अवैध कृत्य है। कानूनन विवाह की न्यूनतम आयु लड़कियों के लिए 18 वर्ष तथा लड़कों के लिए 21 वर्ष निर्धारित की गई है। सचिव समीक्षा गौतम ने अभियान के दौरान रेखांकित किया कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक समस्या है, जो न केवल बच्चों के सर्वांगीण विकास को बाधित करती है बल्कि उनके मौलिक अधिकारों पर भी प्रहार करती है।

माननीय रालसा जयपुर के दिशा-निर्देशों के क्रम में की गई इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने अभिभावकों को समझाइश दी कि वे बच्चों के बालिग होने पर ही उनका विवाह संपन्न करें। नाबालिग अवस्था में विवाह होने से बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास अवरुद्ध हो जाता है और वे शिक्षा तथा रोजगार के महत्वपूर्ण अवसरों से वंचित रह जाते हैं। यह कुप्रथा बच्चों को हिंसा, शोषण और यौन शोषण जैसे गंभीर खतरों की ओर धकेलती है, जिसका सर्वाधिक प्रतिकूल प्रभाव बालिकाओं पर पड़ता है। प्रशासन ने अपील की है कि यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिले, तो तत्काल जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, अथवा बाल विवाह रोकथाम कंट्रोल रूम नंबर 07462-220602 व 220201 पर सूचित करें।

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