सवाई माधोपुर: आस्था और अनुशासन का संगम बनेगा चौथ माता का लक्खी मेला, जिला प्रशासन ने कसी कमर
सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा में 5 से 8 जनवरी, 2026 तक आयोजित होने वाले चौथ माता मेले के लिए जिला प्रशासन और ट्रस्ट ने भव्य तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिला कलक्टर काना राम और एसपी अनिल कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में सुरक्षा के लिए 1200 जवान, सीसीटीवी निगरानी और 'स्वच्छ मेला' अभियान के तहत प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध का निर्णय लिया गया है। जानिए श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए किए गए विशेष इंतजामों की पूरी रिपोर्ट।

सवाई माधोपुर। राजस्थान की अटूट आस्था के प्रतीक और भक्ति के अनूठे केंद्र चौथ का बरवाड़ा में आगामी 5 से 8 जनवरी, 2026 तक आयोजित होने वाले ऐतिहासिक चौथ माता मेले के लिए जिला प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट ने अपनी साझा तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। नए साल के प्रथम दिन जिला कलक्टर काना राम और पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार की गरिमामय उपस्थिति में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में संकल्प लिया गया कि इस वर्ष का मेला न केवल भव्य होगा, बल्कि सुरक्षा, स्वच्छता और अनुशासन का एक बेमिसाल उदाहरण पेश करेगा।
नूतन वर्ष के अवसर पर जिला कलक्टर काना राम ने स्वयं माता के चरणों में शीश नवाकर जिले की खुशहाली की कामना की और इसके पश्चात मंदिर परिसर में ही व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मेले का मुख्य आकर्षण 6 जनवरी को होने वाला मुख्य मेला होगा, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना है। जिला कलक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि 'स्वच्छ मेला' ही स्वस्थ श्रद्धालुओं की असली पहचान है, इसलिए पूरे मेला क्षेत्र में 24 घंटे सफाई सुनिश्चित की जाए। प्लास्टिक मुक्त मेले का संदेश देते हुए प्रशासन ने कैरी बैग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है और इसका उल्लंघन करने वालों पर 500 रुपये तक का जुर्माना तय किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कपड़े, जूट और कागज के थैलों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने के लिए विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता बीएल मीणा को निर्बाध बिजली आपूर्ति और सुरक्षा की दृष्टि से झूलते तारों को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता बीएस मीना को 24 घंटे शुद्ध पेयजल, वाटर कूलर और टैंकरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश मिले हैं। श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य और आपात स्थितियों के लिए तीन मेडिकल टीमें, दो एम्बुलेंस और रैन बसेरों में रजाई-गद्दों के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं।
सुरक्षा के मोर्चे पर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने एक अभेद्य किला तैयार किया है। पूरे मेला क्षेत्र को 6 सेक्टरों में विभाजित कर लगभग 1200 पुलिस, आरएसी और होमगार्ड के जवान तैनात किए जाएंगे। सादे कपड़ों में महिला और पुरुष पुलिसकर्मी संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखेंगे। सीसीटीवी कैमरों के जरिए चप्पे-चप्पे की निगरानी की जाएगी और यातायात को सुचारू रखने के लिए अटल पथ व अन्य वैकल्पिक मार्गों को विकसित किया गया है। मिलावटखोरों और नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर संजय शर्मा, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी शैलेन्द्र सिंह, मेला मजिस्ट्रेट जोगेन्द्र सिंह और सहायक मेला मजिस्ट्रेट इन्द्रराज मीना सहित तहसीलदार नीरज सिंह, जिला रसद अधिकारी रामभजन मीना और अन्य ब्लॉक स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। मंदिर ट्रस्ट की ओर से अध्यक्ष श्रीदास राजावत और उनके प्रतिनिधियों ने प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। यह मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयासों से जन-आस्था को सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से साकार करने का एक महापर्व साबित होगा।

Pratahkal Bureau
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