सवाई माधोपुर। जिले के चौथ का बरवाड़ा कस्बे में चौथ माता मंदिर मार्ग पर वन विभाग द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद विवाद गहराता जा रहा है। खातालाब मैदान में वर्षों से संचालित पूजा-प्रसाद की 90 से अधिक अस्थायी दुकानों को वन भूमि बताते हुए बुलडोजर से ध्वस्त किए जाने के विरोध में प्रभावित दुकानदारों ने अब अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।

पुनर्वास की मांग को लेकर अनशन शुरू

दुकानदारों का कहना है कि वे लंबे समय से मंदिर मार्ग पर दुकान लगाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे, लेकिन अचानक की गई कार्रवाई से दर्जनों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। दुकानदारों का आरोप है कि कार्रवाई से पहले पुनर्वास या वैकल्पिक व्यवस्था पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इससे पहले भी उन्होंने वन मंत्री के नाम ज्ञापन देकर दुकानें पुनः आवंटित करने की मांग की थी, लेकिन मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज कर दिया गया। दुकानदारों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उन्हें पुनः दुकानें आवंटित नहीं की जातीं, तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।

दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और मुआवजे की मांग

धरना स्थल पर मौजूद बजरंग दल सहसंयोजक कमलेश सैनी ने कहा कि "दुकानों में सामान भरा होने के बावजूद बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की गई, जिससे दुकानदारों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।" उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावित अधिकांश दुकानदार गरीब परिवारों से हैं और एससी, एसटी व ओबीसी वर्ग से संबंध रखते हैं। उन्होंने सरकार और जनप्रतिनिधियों से निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई तथा पीड़ितों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की।

दशकों पुरानी आजीविका पर संकट

चौथ माता मंदिर के पुजारी शंकर लाल सैनी ने कहा कि "दुकानदार 40-50 वर्षों से यहां दुकानें लगाकर आजीविका चला रहे थे।" उनके अनुसार दुकानदारों को न्याय दिलाने के लिए अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा है, जिसमें 10 लोगों ने अनशन शुरू किया है। दुकानदारों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा और कई दुकानदारों ने अनशन भी शुरू कर दिया है।

वन विभाग का पक्ष: लवकुश वाटिका का निर्माण प्रस्तावित

उधर वन विभाग का कहना है कि संबंधित भूमि वन विभाग की है और यहां लवकुश वाटिका का निर्माण प्रस्तावित है। विभाग के अनुसार पूर्व में दुकानदारों को नोटिस जारी कर दुकानें हटाने के निर्देश दिए गए थे, जिसके बाद नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई।

Pratahkal Bureau

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