सवाई माधोपुर: केंद्रीय सहकारी बैंक ने डिजिटल बैंकिंग और माइक्रो एटीएम से बदली ग्रामीण तस्वीर
सवाई माधोपुर में केंद्रीय सहकारी बैंक ने ग्रामीण बैंकिंग में क्रांति लाते हुए माइक्रो एटीएम और डिजिटल सेवाओं का शुभारंभ किया। क्या अब ग्रामीणों को बैंक जाने की जरूरत खत्म हो जाएगी? जानें इस नई पहल से कैसे बदल रही है सहकारिता की तस्वीर।

सवाई माधोपुर में जिला कलक्टर काना राम (बाएं से दूसरे) एवं बैंक अधिकारियों ने 'सहकार से समृद्धि' अभियान के तहत डिजिटल बैंकिंग जागरूकता पोस्टरों का विमोचन किया।
सवाई माधोपुर में वित्तीय समावेश की दिशा में एक क्रांतिकारी बदलाव की नींव रखते हुए, जिला कलक्टर एवं केंद्रीय सहकारी बैंक के प्रशासक काना राम ने ‘सहकार से समृद्धि’ अभियान के अंतर्गत बैंक की आधुनिक डिजिटल बैंकिंग सेवाओं और माइक्रो एटीएम के जागरूकता पोस्टरों का औपचारिक विमोचन किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सुदूर ग्रामीण अंचलों तक अत्याधुनिक बैंकिंग सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित कर उन्हें मुख्यधारा की डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ना है।
आयोजन के दौरान जिला कलक्टर ने इस बात पर विशेष बल दिया कि सहकारी बैंकों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक बैंकिंग का विस्तार न केवल वित्तीय समावेशन को गति देगा, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती भी प्रदान करेगा। उन्होंने सहकारी समितियों, बैंक अधिकारियों और बैंक मित्रों को यह जिम्मेदारी सौंपी कि वे इन जागरूकता सामग्रियों के माध्यम से अधिक से अधिक ग्रामीणों, दुग्ध उत्पादकों और पशुपालकों तक पहुंचें और उन्हें डिजिटल बैंकिंग के लाभों से परिचित कराएं।
बैंक के प्रबंध निदेशक बिजेन्द्र कुमार शर्मा ने जानकारी दी कि वर्तमान में बैंक ने 261 प्राथमिक ग्राम सेवा सहकारी समितियों और 11 प्राथमिक दुग्ध सहकारी समितियों को 'बैंक मित्र' के रूप में सशक्त किया है। नाबार्ड के सहयोग से इन समितियों में माइक्रो एटीएम की स्थापना की जा रही है, जिससे ग्रामीण स्तर पर ही नकद जमा, निकासी, ऋण स्वीकृति, आधार आधारित भुगतान और डेबिट कार्ड के माध्यम से लेनदेन जैसी जटिल बैंकिंग प्रक्रियाएं सरल हो गई हैं। इससे ग्रामीणों को बैंक शाखाओं के चक्कर लगाने की बाध्यता से मुक्ति मिलेगी।
विमोचित किए गए पोस्टरों में बैंक मित्रों के लिए निर्धारित प्रोत्साहन और कमीशन का स्पष्ट विवरण दिया गया है, जो इस सेवा विस्तार को और अधिक प्रभावी बनाएगा। इसके अलावा, केंद्रीय सहकारी बैंक की ओर से मिलने वाली आकर्षक सुविधाओं जैसे शून्य बैलेंस खाता, निःशुल्क खाता संचालन, लॉकर किराये में छूट और पशुपालकों के लिए ब्याज मुक्त फसली ऋण जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इस अवसर पर नाबार्ड के डीडीएम पुनीत हरित सहित अपेक्स बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक एवं वरिष्ठ बैंक अधिकारी उपस्थित रहे। यह पहल न केवल बैंकिंग सेवाओं का विकेंद्रीकरण करेगी, बल्कि ग्रामीण भारत के डिजिटल सशक्तिकरण के एक नए युग का सूत्रपात भी करेगी।

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