सवाई माधोपुर: बजरिया में विकास के नाम पर 400 हरे पेड़ों की कटाई पर विवाद
रणथम्भौर टाइगर रिजर्व के पास नियमों के उल्लंघन और करोड़ों के राजस्व नुकसान का आरोप, स्थानीय नागरिकों ने की निष्पक्ष जांच की मांग।

सवाई माधोपुर के बजरिया क्षेत्र में विकास कार्य के लिए काटे गए पेड़ों के अवशेष, जहां स्थानीय लोगों ने करोड़ों के राजस्व नुकसान और प्रशासनिक मिलीभगत का आरोप लगाया है।
जिला मुख्यालय के बजरिया क्षेत्र में विकास कार्यों की आड़ में 400 से अधिक हरे-भरे वृक्षों पर कुल्हाड़ी चलाए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। रणथम्भौर टाइगर रिजर्व के संवेदनशील क्षेत्र के निकट स्थित इस इलाके में हुई इस अंधाधुंध कटाई ने न केवल स्थानीय नागरिकों बल्कि पर्यावरण प्रेमियों को भी आक्रोशित कर दिया है। आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारियों की कथित मिलीभगत से नियमों को पूरी तरह दरकिनार कर इस विनाशकारी कार्यवाही को अंजाम दिया गया है। वर्षों पुराने इन विशाल वृक्षों को बिना किसी पर्याप्त अनुमति अथवा जनसुनवाई के रातों-रात काट दिया गया, जिससे क्षेत्र के पर्यावरण संतुलन और जीव-जंतुओं के प्राकृतिक आवास पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए स्थानीय सूत्रों ने आशंका जताई है कि इन बेशकीमती पेड़ों की लकड़ी को अवैध रूप से ठिकाने लगाकर निजी लाभ कमाया गया है। काटे गए इन दरख्तों की अनुमानित कीमत 50 लाख से 1 करोड़ रुपये के बीच आंकी जा रही है। नियमानुसार, सरकारी कटाई के बाद लकड़ी का भंडारण किसी राजकीय परिसर में किया जाना अनिवार्य है, किंतु इस मामले में राजकीय राजस्व विभाग के नियमों के विपरीत पेड़ों को आनन-फानन में गायब कर दिया गया। नागरिकों ने इसे करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान का गंभीर मामला बताते हुए मांग की है कि प्रशासन अविलंब कटे हुए वृक्षों का भौतिक सत्यापन कराए। राज्य सरकार और जिला प्रशासन से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों की भूमिका की स्पष्टता और पर्यावरण संरक्षण के उल्लंघन पर कठोर कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई गई है ताकि विकास और विनाश के बीच की इस धुंधली रेखा का सच जनता के सामने आ सके।

Pratahkal Hub
प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"
