सवाई माधोपुर: जून माह में संचालित होगा 'विशेष एंटी मलेरिया अभियान'
मानसून पूर्व डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग गम्बूशिया मछलियों और जन-जागरूकता के जरिए लार्वा नियंत्रण अभियान चलाएगा।

सवाई माधोपुर में एंटी मलेरिया अभियान के शुभारंभ के अवसर पर कलेक्ट्रेट सभागार में विभागीय अधिकारियों के साथ पोस्टर का विमोचन करते सीएमएचओ डॉ. अनिल कुमार जेमिनी।
जिले में मानसून की दस्तक से पहले मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसे घातक वेक्टर जनित रोगों पर नकेल कसने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। इसी क्रम में विभाग द्वारा जून माह को 'एंटी मलेरिया माह' के रूप में मनाते हुए एक व्यापक और विशेष अभियान संचालित करने का निर्णायक कदम उठाया गया है। इस पूरे माह के दौरान मच्छरों की रोकथाम, लार्वा नियंत्रण, सघन निगरानी और जन-जागरूकता गतिविधियों को युद्ध स्तर पर गति दी जाएगी ताकि आगामी बरसात के मौसम में मौसमी बीमारियों के संभावित खतरों को न्यूनतम स्तर पर लाया जा सके।
अभियान के रणनीतिक ब्लूप्रिंट की जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जेमिनी ने बताया कि 1 जून से इस अभियान के प्रथम चरण के रूप में 'हैचरी क्रियाशील पखवाड़ा' शुरू हो गया है। 15 जून तक चलने वाले इस विशेष पखवाड़े के अंतर्गत मच्छरों के जैविक नियंत्रण पर सर्वाधिक बल दिया जा रहा है। इसके तहत जिले के स्थायी जल स्रोतों, तालाबों और विभिन्न जल निकायों में गम्बूशिया मछलियां छोड़ी जा रही हैं। उल्लेखनीय है कि गम्बूशिया मछलियां मच्छरों के लार्वा का भक्षण कर उनकी आबादी को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करने में निर्णायक भूमिका निभाती हैं, जिससे मानसूनी सीजन में मच्छरों के प्रकोप को प्रभावी ढंग से कम किया जा सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग की यह मुहिम धरातल पर आशा सहयोगिनियों, एएनएम, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, सीएचओ और डीबीसी सहित समस्त फील्ड स्टाफ के माध्यम से घर-घर दस्तक देगी, जहां आमजन को रोगों से बचाव के वैज्ञानिक तरीकों से रूबरू कराया जाएगा। डॉ. जेमिनी के अनुसार, जिले के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमें सक्रिय होकर मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान करेंगी। इन स्थलों पर सोर्स रिडक्शन, एंटीलार्वा और एंटी एडल्ट जैसी महत्वपूर्ण तकनीकी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। आपात स्थितियों से निपटने के लिए विभाग ने जिले में आवश्यक जीवन रक्षक दवाइयों, उन्नत जांच किटों और समस्त आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता को भी पूर्व में ही सुनिश्चित कर लिया है।
मानसून के दौरान जलभराव और स्वच्छता के अभाव में मच्छरों का प्रजनन तीव्र होता है, जिसे देखते हुए विभाग आमजन से सक्रिय भागीदारी का आह्वान कर रहा है। लोगों को प्रेरित किया जा रहा है कि वे अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, पानी की टंकियों को पूरी तरह ढककर रखें और स्वच्छता का कठोरता से पालन करें। स्वास्थ्य विभाग का यह सुनियोजित प्रयास न केवल बीमारियों के फैलाव को रोकने की एक बड़ी कवायद है, बल्कि यह जन-सहयोग के माध्यम से जिले को वेक्टर जनित रोगों से सुरक्षित रखने की एक प्रभावी सुरक्षा ढाल भी सिद्ध होगा।

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