राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली को चुस्त-दुरुस्त करने की कवायद के तहत पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. राजीव गर्ग ने शुक्रवार को क्षेत्र के विभिन्न चिकित्सा संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। डॉ. गर्ग ने पशु चिकित्सालय करमोदा सहित पशु चिकित्सा उपकेन्द्र धनौली एवं अजनोटी पहुँचकर वहां की जमीनी हकीकत और व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। इस दौरान संयुक्त निदेशक ने कार्यालयों में कार्मिकों की उपस्थिति पंजिका की बारीकी से जांच की और कार्यस्थल पर अनुशासन बनाए रखने की सख्त हिदायत दी।

निरीक्षण के दौरान डॉ. गर्ग ने कार्यालय परिसरों में व्याप्त गंदगी और फाइलों के अव्यवस्थित रखरखाव को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि 'स्वभाव स्वच्छता-संस्कार स्वच्छता' के मूल मंत्र को आत्मसात करते हुए सम्पूर्ण कार्यालय परिसर की साफ-सफाई और फाइलों का संधारण सुव्यवस्थित रूप से सुनिश्चित किया जाए। संयुक्त निदेशक ने स्पष्ट किया कि राजकीय कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।

विशेष रूप से, उपकेन्द्र धनौली के निरीक्षण के दौरान एक गंभीर मामला सामने आया, जहां डॉ. गर्ग ने संस्था के नवनिर्मित भवन के निर्माण कार्य को गुणवत्तापूर्ण नहीं पाया। भवन निर्माण में बरती गई इस लापरवाही को देखते हुए उन्होंने तत्काल कृषि विपणन बोर्ड के अधिकारियों को संपर्क कर निर्माण कार्य की कमियों को दुरस्त करवाने के कड़े निर्देश दिए। संयुक्त निदेशक का यह कड़ा रुख विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे भविष्य में पशुपालकों को दी जाने वाली सेवाओं में गुणवत्ता और सुगमता आने की प्रबल संभावना है।

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