एटक ने मजदूर दिवस पर उठाई 26000 रुपये न्यूनतम वेतन की मांग
राजस्थान सरकार द्वारा घोषित अवकाश के बीच एटक ने संविदा कर्मियों को स्थाई करने और कार्य समय 6 घंटे करने सहित विभिन्न मांगें रखीं।

1 मई मजदूर दिवस के अवसर पर राजस्थान सरकार द्वारा अवकाश घोषित किए जाने के बीच श्रमिक संगठन एटक सवाई माधोपुर ने इस दिन को हर्ष और उल्लास के साथ मनाने का आह्वान करते हुए श्रमिक हितों से जुड़ी महत्वपूर्ण मांगें सामने रखी हैं। संगठन ने मजदूर दिवस को श्रमिक एकता और अधिकारों की मजबूती का प्रतीक बताते हुए व्यापक भागीदारी की अपील की है।
एटक सवाई माधोपुर ने कहा है कि श्रमिक हितों को ध्यान में रखते हुए काम के घंटे 6 किए जाएं, ताकि श्रमिकों को बेहतर कार्य-जीवन संतुलन मिल सके। साथ ही शिक्षित नौजवानों को रोजगार उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए निजीकरण पर रोक लगाने की मांग की गई है। संगठन ने न्यूनतम वेतन मासिक 26000 रुपए निर्धारित करने और सभी संविदा कर्मियों को स्थाई करने की भी मांग उठाई है।
संगठन ने श्रमिक, मजदूर, कर्मचारी, नौजवान और महिलाओं से आह्वान किया है कि वे एकत्रित होकर मजदूर दिवस को मनाएं और इस दिन कुर्बान हुए शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करें। एटक ने स्पष्ट किया कि शहीदों के संघर्षों की ही देन है कि आज मजदूरों को 8 घंटे काम करने का अधिकार प्राप्त हुआ है।
मजदूर दिवस के अवसर पर उठाई गई ये मांगें न केवल श्रमिक वर्ग के वर्तमान हालात को दर्शाती हैं, बल्कि भविष्य में श्रम नीतियों और सामाजिक-आर्थिक ढांचे पर इसके व्यापक प्रभाव की ओर भी संकेत करती हैं।

Pratahkal Bureau
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