सवाई माधोपुर: तारबंदी योजना बनी किसानों के लिए वरदान, मूलचंद की फसल को मिली सुरक्षा
सवाई माधोपुर के किसान मूलचंद के लिए कृषि विभाग की तारबंदी योजना वरदान साबित हुई है। जंगली जानवरों और आवारा पशुओं से फसल को सुरक्षा मिलने के बाद 48 हजार रुपये के अनुदान ने उनकी खेती को कैसे आत्मनिर्भर और मुनाफे वाला बनाया, पढ़िए पूरी खबर।

सवाई माधोपुर में आयोजित एक स्वास्थ्य जागरूकता शिविर में मेज पर बैठे सरकारी अधिकारी और स्वास्थ्यकर्मी।
सवाई माधोपुर, 13 जुलाई। कृषि विभाग द्वारा संचालित तारबंदी योजना सवाई माधोपुर जिले के किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। इस योजना ने ग्राम पंचायत छाण के प्रगतिशील कृषक मूलचंद के जीवन में नया बदलाव ला दिया है। कभी जंगली जानवरों और आवारा पशुओं से अपनी फसलों को बचाने के लिए दिन-रात संघर्ष करने वाले मूलचंद अब आत्मनिर्भर खेती की एक प्रेरणादायक मिसाल बन चुके हैं और अन्य किसानों के लिए राह दिखा रहे हैं।
मूलचंद के अनुसार, पहले उनकी मेहनत पर हर मौसम में संकट के बादल छाए रहते थे। खेतों में तैयार हो रही बाजरा सहित अन्य फसलें जंगली जानवरों और आवारा पशुओं द्वारा नष्ट कर दी जाती थीं। अथक परिश्रम के बावजूद उन्हें अपेक्षित उत्पादन और आर्थिक लाभ नहीं मिल पा रहा था, जिससे उनके परिवार की आय और मनोबल पर गहरा प्रभाव पड़ रहा था। इसी दौरान कृषि पर्यवेक्षक टीकाराम मीना ने उन्हें ग्रामीण सेवा शिविर-2026 के माध्यम से तारबंदी योजना की विस्तृत जानकारी दी और आवेदन करने के लिए प्रेरित किया। विभाग को आवेदन प्राप्त होने के बाद दस्तावेजों का सत्यापन कर पात्रता सुनिश्चित की गई और शीघ्र ही उन्हें योजना का लाभ उपलब्ध कराया गया।
योजना के अंतर्गत मूलचंद के खेत के चारों ओर मजबूत तारबंदी कराई गई, जिससे अब बाजरा सहित अन्य फसलें पूरी तरह सुरक्षित हैं। जहां पहले फसल सुरक्षा उनकी सबसे बड़ी चिंता थी, वहीं अब वे पूरी तरह निश्चिंत होकर खेती कर रहे हैं और बेहतर उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। इस योजना के तहत कृषक मूलचंद को 48 हजार रुपये का अनुदान भी प्रदान किया गया, जिससे तारबंदी की लागत का आर्थिक बोझ कम हुआ और खेती में निवेश करने के प्रति उनका उत्साह बढ़ा है। मूलचंद का कहना है कि यदि समय रहते कृषि विभाग का मार्गदर्शन और सरकार की यह योजना नहीं मिलती, तो खेती को लाभदायक बनाना बेहद कठिन होता। कृषि विभाग की तारबंदी योजना न केवल फसलों को सुरक्षा प्रदान कर रही है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाने, आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur
नाम: हरक चंद जैन
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: सवाई माधोपुर (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जनहित के मुद्दे और स्थानीय समाचार (सवाई माधोपुर)
परिचय
हरक चंद जैन राजस्थान के सवाई माधोपुर क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से सवाई माधोपुर जिले के स्थानीय समाचारों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
हरक चंद जैन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 45 वर्षों का लंबा और व्यापक अनुभव है। अपने इस दीर्घकालिक करियर के दौरान वह कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक प्रातःकाल: पिछले 6 वर्षों से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' के साथ जुड़कर कार्यरत हैं।
- अन्य समाचार पत्र: इसके पूर्व उन्होंने धर्म दिवाकर, देश की धरती, जननायक, नवज्योति, नवभारत टाइम्स और महका भारत जैसे विभिन्न समाचार पत्रों के लिए पत्रकारिता की है।
