सवाई माधोपुर: एबीडीएम के तहत निजी अस्पताल और डॉक्टर होंगे डिजिटाइज्ड
जिले में निजी अस्पतालों, क्लीनिकों और डॉक्टरों को एचएफआईडी व एचपीआईडी से जोड़ने और एचएमआईएस सॉफ्टवेयर लागू करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

सवाई माधोपुर में निजी अस्पतालों, क्लीनिक, फार्मेसी, लैब और सोनोग्राफी सेंटर को डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने के लिए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत सघन अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही निजी प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य पेशेवरों की डिजिटल पहचान तैयार की जाएगी। अभियान की तैयारियों को लेकर बुधवार, 21 अक्टूबर को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में निजी स्वास्थ्य क्षेत्र को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने और संबंधित संस्थानों व पेशेवरों का पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जेमिनी ने बताया कि अभियान के तहत निजी प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य पेशेवरों की एचपीआईडी (हेल्थकेयर प्रोफेशनल आईडी) बनाई जाएगी। वहीं, पात्र निजी अस्पतालों, क्लीनिक, फार्मेसी, लैब और सोनोग्राफी सेंटर को एचएफआईडी (हेल्थकेयर फैसिलिटी आईडी) जारी की जाएगी। इस प्रक्रिया के माध्यम से निजी स्वास्थ्य संस्थानों और वहां सेवाएं देने वाले स्वास्थ्य पेशेवरों को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की डिजिटल व्यवस्था से जोड़ा जाएगा।
निजी चिकित्सा संस्थानों में एचएमआईएस (हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम) सॉफ्टवेयर को अपनाना भी सुनिश्चित कराया जाएगा। इसके माध्यम से अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित जानकारी के डिजिटल प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा। स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि अभियान के दौरान जिले के अधिक से अधिक पात्र निजी स्वास्थ्य संस्थान और स्वास्थ्य पेशेवर डिजिटल व्यवस्था में पंजीकृत हों।
डिजिटल पंजीकरण और तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए मिलेगी सहायता
डॉ. अनिल कुमार जेमिनी ने बताया कि अभियान के दौरान निजी स्वास्थ्य संस्थानों और स्वास्थ्य पेशेवरों को पंजीकरण प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए स्वास्थ्य भवन से जानकारी ली जा सकती है। संबंधित संस्थानों और पेशेवरों को डिजिटल पंजीकरण की प्रक्रिया समझाने के साथ तकनीकी स्तर पर आने वाली समस्याओं के समाधान में भी सहायता प्रदान की जाएगी।
उन्होंने बताया कि निजी स्वास्थ्य क्षेत्र को डिजिटल व्यवस्था से जोड़ना एबीडीएम अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। निजी अस्पतालों, क्लीनिक, फार्मेसी, लैब और सोनोग्राफी सेंटर सहित पात्र स्वास्थ्य संस्थानों की डिजिटल पहचान तैयार होने से स्वास्थ्य क्षेत्र में डिजिटल रिकॉर्ड और सेवाओं को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। इसी तरह, स्वास्थ्य पेशेवरों की एचपीआईडी बनने से उन्हें भी डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम से जोड़ा जा सकेगा।
डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के नेटवर्क का होगा विस्तार
वर्तमान समय में स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सवाई माधोपुर जिले के निजी स्वास्थ्य संस्थानों और स्वास्थ्य पेशेवरों को एबीडीएम से जोड़ने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को गति दी जा रही है। अभियान के माध्यम से पात्र संस्थानों को डिजिटल सुविधाएं अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने निजी स्वास्थ्य संस्थानों से अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने और निर्धारित अवधि में आवश्यक पंजीकरण प्रक्रिया पूरी करने का आग्रह किया है। अधिकारियों के अनुसार, जिले के निजी स्वास्थ्य संस्थानों और स्वास्थ्य पेशेवरों को डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के नेटवर्क का और विस्तार होगा।

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur
नाम: हरक चंद जैन
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: सवाई माधोपुर (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जनहित के मुद्दे और स्थानीय समाचार (सवाई माधोपुर)
परिचय
हरक चंद जैन राजस्थान के सवाई माधोपुर क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से सवाई माधोपुर जिले के स्थानीय समाचारों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
हरक चंद जैन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 45 वर्षों का लंबा और व्यापक अनुभव है। अपने इस दीर्घकालिक करियर के दौरान वह कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक प्रातःकाल: पिछले 6 वर्षों से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' के साथ जुड़कर कार्यरत हैं।
- अन्य समाचार पत्र: इसके पूर्व उन्होंने धर्म दिवाकर, देश की धरती, जननायक, नवज्योति, नवभारत टाइम्स और महका भारत जैसे विभिन्न समाचार पत्रों के लिए पत्रकारिता की है।
