सवाई माधोपुर। राजस्थान की ऐतिहासिक धरा सवाई माधोपुर अपने 263वें स्थापना दिवस को इस बार एक नए कलेवर और भव्यता के साथ मनाने के लिए तैयार है। जिले की समृद्ध विरासत, वन्यजीव संरक्षण और कृषि नवाचार को एक मंच पर लाते हुए आगामी 17 से 19 जनवरी तक तीन दिवसीय 'बाघ महोत्सव' और 'अमरूद महोत्सव' का ऐतिहासिक आयोजन किया जाएगा। जिला कलक्टर काना राम ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में प्रेस वार्ता के दौरान इस महोत्सव के विस्तृत स्वरूप की घोषणा की और उत्सव के आधिकारिक पोस्टर का विमोचन किया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव बुडानिया, संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार राकेश कुमार अटल, उप निदेशक कृषि आत्मा अमर सिंह, उप निदेशक पर्यटन मधुसूदन सिंह और सहायक जनसम्पर्क अधिकारी सुरेन्द्र कुमार मीणा सहित जिले के आला अधिकारी मौजूद रहे।

इस महोत्सव की परिकल्पना जिले के 'पंच गौरव' के सिद्धांत पर आधारित है, जिसका उद्देश्य सवाई माधोपुर की सांस्कृतिक पहचान को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर स्थापित करना है। उत्सव का आगाज 17 जनवरी को प्रातःकाल रणथम्भौर दुर्ग स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री त्रिनेत्र गणेश भगवान की महाआरती से होगा, जो श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है। इसके पश्चात दशहरा मैदान में फोटोग्राफी प्रदर्शनी और लाइव आर्ट कैंप के जरिए जिले की नैसर्गिक सुंदरता को कैनवास पर उतारा जाएगा। शाम के समय खंडार स्थित रामेश्वर घाट पर चंबल के किनारे होने वाला दीपदान का दृश्य इस उत्सव को एक आध्यात्मिक गहराई प्रदान करेगा।

कृषि जगत के लिए यह आयोजन एक नए युग की शुरुआत माना जा रहा है। 18 और 19 जनवरी को आयोजित होने वाला 'अमरूद महोत्सव एवं उन्नत कृषि तकनीकी मेला-2026' इस उत्सव का मुख्य आकर्षण होगा। प्रदेश के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के मार्गदर्शन में आयोजित हो रहे इस मेले का उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है। जिले के 20 हजार से अधिक किसान जो लगभग 15 हजार हेक्टेयर में अमरूद की खेती कर रहे हैं, उनके लिए यह मेला एक मील का पत्थर साबित होगा। मेले में 150 से अधिक स्टॉल्स के माध्यम से आईसीएआर, सीआईपीएचईटी लुधियाना और हिसार कृषि विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के वैज्ञानिक किसानों से सीधा संवाद करेंगे। यहाँ स्मार्ट फार्मिंग, हाईटेक बागवानी और कृषि स्टार्टअप्स का जीवंत प्रदर्शन किया जाएगा, जिससे जिले की 6 अरब रुपये की वार्षिक मूल्य वाली अमरूद अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा मिलेगी।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों की बात करें तो 18 जनवरी को पुलिस लाइन में फुटबॉल मैच और दशहरा मैदान में कन्हैया एवं पद दंगल जैसी पारंपरिक विधाओं का प्रदर्शन होगा, जो स्थानीय कला प्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित करेगा। उत्सव के अंतिम दिन, 19 जनवरी को शहर के संस्थापक सवाई माधोसिंह प्रथम की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ एक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। शाम को आयोजित होने वाली मेगा म्यूजिकल नाइट इस तीन दिवसीय उत्सव का शानदार समापन करेगी। जिला कलक्टर काना राम ने जिलेवासियों, पर्यटकों और कृषकों से इस भव्य आयोजन का हिस्सा बनने की अपील की है, ताकि सवाई माधोपुर की कला, पर्यटन और कृषि शक्ति को पूरी दुनिया के सामने मजबूती से पेश किया जा सके।

Pratahkal Bureau

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