जयपुर, 2 नवंबर। ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को बढ़ावा देने के लिए राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल (आरएसपीसीबी) ने सोमवार को ‘ब्रिक्स सतत जीव शैली सप्ताह 2026’ के तहत विशेष पहल की। इसके अंतर्गत मंडल कार्यालय में एक घंटे तक गैर-जरूरी लाइटें बंद रखी गईं। साथ ही अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने ऊर्जा की बचत और विद्युत संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग की शपथ ली।

इस गतिविधि का उद्देश्य संस्थागत स्तर पर ऊर्जा संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करने के साथ दैनिक जीवन में पर्यावरण अनुकूल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा। शपथ के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने ऊर्जा का अनावश्यक उपयोग नहीं करने, जरूरत नहीं होने पर विद्युत उपकरणों और लाइटों को बंद रखने तथा ऊर्जा संरक्षण को अपनी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर मंडल के अतिरिक्त मुख्य पर्यावरण अभियंता (एसीईई) भुवनेश माथुर ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए ऊर्जा संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ऊर्जा की बढ़ती मांग और पर्यावरणीय चुनौतियों को देखते हुए ऊर्जा का विवेकपूर्ण उपयोग अत्यंत आवश्यक है। ऊर्जा संरक्षण को केवल किसी विशेष दिवस अथवा आयोजन तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे दैनिक जीवनशैली और कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाना होगा।

श्री माथुर ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण में प्रत्येक व्यक्ति का योगदान महत्वपूर्ण है। कार्यालयों और घरों में आवश्यकता नहीं होने पर लाइट, पंखे एवं अन्य विद्युत उपकरण बंद रखना, प्राकृतिक प्रकाश का अधिकतम उपयोग करना तथा ऊर्जा दक्ष उपकरणों को प्राथमिकता देना जैसे छोटे-छोटे प्रयास सामूहिक रूप से बड़े सकारात्मक परिणाम दे सकते हैं।

उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से ऊर्जा संरक्षण के प्रति अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी निभाने और अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

मंडल कार्यालय में एक घंटे तक गैर-जरूरी लाइटें बंद रखने की गतिविधि के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत की शुरुआत अपने व्यवहार में बदलाव लाने से होती है। वहीं, कर्मचारियों की ओर से ली गई शपथ ने ऊर्जा संरक्षण के प्रति व्यक्तिगत और संस्थागत प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

उल्लेखनीय है कि राजस्थान में 1 से 7 नवंबर तक ‘ब्रिक्स सतत जीव शैली सप्ताह 2026’ आयोजित किया जा रहा है। इसके तहत सतत जीवनशैली के विभिन्न आयामों पर प्रदेशव्यापी जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सप्ताह का उद्देश्य नागरिकों, सरकारी विभागों, संस्थानों और विभिन्न हितधारकों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली, जिम्मेदार उपभोग तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को बढ़ावा देना है।

राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल भी इस सप्ताह के तहत ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को संस्थागत कार्यसंस्कृति एवं जनजीवन का हिस्सा बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रहा है।

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur

नाम: हरक चंद जैन

वर्तमान पद: रिपोर्टर

कार्यक्षेत्र: सवाई माधोपुर (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जनहित के मुद्दे और स्थानीय समाचार (सवाई माधोपुर)

परिचय

हरक चंद जैन राजस्थान के सवाई माधोपुर क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से सवाई माधोपुर जिले के स्थानीय समाचारों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

हरक चंद जैन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 45 वर्षों का लंबा और व्यापक अनुभव है। अपने इस दीर्घकालिक करियर के दौरान वह कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों से जुड़े रहे हैं:

  • दैनिक प्रातःकाल: पिछले 6 वर्षों से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' के साथ जुड़कर कार्यरत हैं।
  • अन्य समाचार पत्र: इसके पूर्व उन्होंने धर्म दिवाकर, देश की धरती, जननायक, नवज्योति, नवभारत टाइम्स और महका भारत जैसे विभिन्न समाचार पत्रों के लिए पत्रकारिता की है।

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