कृषि विभाग की कृषि यंत्रीकरण योजना किसानों के लिए लाभदायक साबित हो रही है। इसका उदाहरण ग्राम पंचायत ईसरदा के सीमांत किसान सीताराम पुत्र रामनारायण यादव हैं, जिन्होंने योजना के तहत 1.30 लाख रुपये लागत का 7 फीट रोटावेटर खरीदा। सीमांत श्रेणी का किसान होने के कारण उन्हें 50 प्रतिशत अर्थात 65 हजार रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ।

ग्रामीण सेवा शिविर में अपनी सफलता की कहानी साझा करते हुए किसान सीताराम यादव ने बताया कि पहले खेतों की जुताई के लिए उन्हें दूसरे किसानों के कृषि यंत्रों पर निर्भर रहना पड़ता था। इसके कारण कृषि कार्य समय पर नहीं हो पाते थे और जुताई पर अधिक खर्च भी आता था। कृषि विभाग से योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने आवेदन किया और रोटावेटर खरीदा।

उन्होंने बताया कि अब खेतों की जुताई और भूमि की तैयारी कम समय तथा कम लागत में हो जाती है। इससे फसल की समय पर बुवाई संभव हो रही है और उत्पादन में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिला है।

सीताराम यादव ने बताया कि अपने खेतों का कार्य पूरा करने के बाद वे आसपास के किसानों के खेतों में भी रोटावेटर से जुताई का कार्य कर अतिरिक्त आय अर्जित कर रहे हैं। इससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और कृषि यंत्र की लागत भी शीघ्र वसूल होने लगी है।

वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक हरिसोहन मीना के मार्गदर्शन में किसान ने योजना का लाभ प्राप्त किया। किसान ने राज्य सरकार एवं कृषि विभाग का आभार व्यक्त करते हुए अन्य किसानों से भी कृषि यंत्रीकरण योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।

कृषि विभाग का उद्देश्य आधुनिक कृषि यंत्रों के माध्यम से खेती की लागत कम करना, समय की बचत करना तथा किसानों की आय में वृद्धि करना है। विभाग के अनुसार कृषि यंत्रीकरण योजना इसी दिशा में किसानों के लिए एक प्रभावी पहल साबित हो रही है।

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