सवाई माधोपुर, 13 जनवरी। रणथम्भौर की ऐतिहासिक धरा और बाघों की दहाड़ के लिए विश्व प्रसिद्ध सवाई माधोपुर जिले के सर्वांगीण विकास की पटकथा अब जनभागीदारी के साथ लिखी जा रही है। मंगलवार को जिला परिषद सभागार में जिला कलक्टर काना राम की अध्यक्षता में आयोजित बजट-पूर्व संवाद बैठक महज एक सरकारी औपचारिकता नहीं, बल्कि जिले की भविष्यगामी आवश्यकताओं और आमजन की आकांक्षाओं का एक सशक्त संगम बनकर उभरी। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिले के सामाजिक संगठनों, नागरिक मंचों, व्यापारिक संस्थाओं और प्रबुद्ध नागरिकों ने एक स्वर में जिले के समग्र कायाकल्प के लिए अपने सुझावों का पिटारा खोल दिया, जिसमें पर्यटन से लेकर कृषि प्रसंस्करण और आधारभूत ढांचे तक के विकास का खाका खींचा गया।

संवाद का आगाज़ करते हुए जिला कलक्टर काना राम ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का ध्येय एक ऐसे समावेशी बजट का निर्माण करना है, जो स्थानीय जरूरतों की जमीनी हकीकत पर आधारित हो। उन्होंने नागरिकों को आश्वस्त किया कि प्राप्त होने वाले प्रत्येक व्यावहारिक और विकासोन्मुख सुझाव को प्राथमिकता के साथ राज्य सरकार तक पहुंचाया जाएगा। बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा पर्यटन और कनेक्टिविटी का रहा, जिसमें सवाई माधोपुर की वैश्विक पहचान के अनुरूप चकचैनपुरा हवाई पट्टी को अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने की पुरजोर मांग उठी। साथ ही, बनास नदी पर स्थित चाण्क्य देह को कोटा की चम्बल रिवर फ्रंट की तर्ज पर विकसित करने और शहर के सौंदर्यीकरण के लिए आधुनिक सिटी पार्क के निर्माण के प्रस्तावों पर भी गंभीरता से चर्चा की गई।

जिले की आर्थिक रीढ़ माने जाने वाले कृषि क्षेत्र, विशेषकर अमरूद की बागवानी को नई ऊंचाई देने के लिए प्रसंस्करण इकाइयों और विपणन केंद्रों की स्थापना पर बल दिया गया। शहरी बुनियादी ढांचे को लेकर पुराने शहर में गर्ल्स कॉलेज की स्थापना, पुरानी तहसील और आदर्श स्कूल परिसर में पार्किंग की समस्या का समाधान तथा बौंली से निवाई के बीच बेहतर सड़क कनेक्टिविटी के सुझाव दिए गए। जयपुर से जिले की दूरी और सुगमता को बढ़ाने के लिए एक्सप्रेस-वे से उतरने के बाद फोर-लेन सड़क निर्माण की मांग ने भी जोर पकड़ा। व्यापारियों ने स्थानीय स्तर पर उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्यशालाओं के आयोजन की आवश्यकता जताई, ताकि जिले में लघु उद्योगों का अनुकूल वातावरण बन सके।

सामाजिक और स्वास्थ्य सरोकारों की दृष्टि से शहर व्यापार मण्डल ने जिला अस्पताल के साथ-साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी नवजात शिशुओं के लिए गहन चिकित्सा सुविधाएं विकसित करने की अपील की। खेल जगत के प्रतिनिधियों ने जिले में खेल अकादमियों, कोचों और स्पोर्ट्स हॉस्टल की मांग रखी ताकि स्थानीय प्रतिभाएं राष्ट्रीय पटल पर चमक सकें। इसके अलावा, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने, हाईटेक पुस्तकालयों का निर्माण करने, जिला मुख्यालय पर आदिवासी भवन के निर्माण और राजीविका समूह की महिलाओं के उत्पादों के लिए समर्पित हाट बाजार या मार्ट उपलब्ध करवाने जैसे सुझावों ने इस संवाद को और अधिक सार्थक बनाया। बैठक में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार हेतु आरजीएचएस की तर्ज पर 'मां योजना' के अंतर्गत कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान करने की भी महत्वपूर्ण मांग उठी।

इस विचार-मंथन के दौरान मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव बुडानिया, जिला प्रमुख सुदामा मीना, पूर्व उप सभापति राजेश गोयल, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष डिग्गी प्रसाद मीना, उप निदेशक पर्यटन मधुसूदन सिंह और जिलाध्यक्ष योगेश जैलिया सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और भारी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। जिला कलक्टर ने अंत में सभी को आश्वस्त किया कि इन सुझावों के आधार पर तैयार होने वाला प्रस्ताव सवाई माधोपुर के लिए ठोस एवं दूरगामी प्रावधान सुनिश्चित करेगा। यह बजट-पूर्व संवाद न केवल जिले की तात्कालिक समस्याओं के समाधान का मार्ग प्रशस्त करता है, बल्कि सवाई माधोपुर को एक आधुनिक और सुविधायुक्त जिले के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

Pratahkal Bureau

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