सवाई माधोपुर, 10 नवंबर। जिला प्रशासन के कार्यों में तत्परता और संवेदनशीलता की महत्ता पर बल देते हुए जिला कलक्टर काना राम ने सोमवार को जिला परिषद सभागार में आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुनवाई के प्रत्येक प्रकरण का निस्तारण समयबद्ध, संवेदनशील और संतोषजनक तरीके से किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं का समाधान ही सुशासन की सबसे बड़ी पहचान है, इसलिए हर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाए।

बैठक में कलक्टर ने राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जन-जागरूकता अभियानों में विभागीय सहभागिता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा अभियान, जो 15 नवंबर तक संचालित हो रहा है, केवल औपचारिकता न रहे बल्कि इसे जनआंदोलन के रूप में क्रियान्वित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि पुलिस, परिवहन, लोक निर्माण और शिक्षा विभाग आपसी समन्वय के साथ सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करें तथा सड़क दुर्घटनाओं से जनहानि रोकने के लिए हर स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाएं। उपखंड स्तर पर गठित सड़क सुरक्षा समन्वय समितियों को भी उन्होंने धरातल पर सक्रिय रूप से कार्य करने के निर्देश दिए।

कलक्टर काना राम ने अधिकारियों को चेताया कि साइबर अपराधों के माध्यम से सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को ठगने वाले गिरोह सक्रिय हैं। उन्होंने झालावाड़ जिले में उजागर हुए एक साइबर धोखाधड़ी प्रकरण का उदाहरण देते हुए बताया कि कुछ संगठित तत्व पीएम किसान निधि और आपदा राहत योजना के लाभार्थियों की राशि फर्जी खातों में ट्रांसफर कर चुके हैं, जिनमें सवाई माधोपुर के कुछ लाभार्थी भी प्रभावित हुए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के लाभ हस्तांतरण की प्रक्रिया में अत्यधिक सतर्कता बरती जाए और अधीनस्थ कर्मचारियों की गतिविधियों पर भी नजर रखी जाए ताकि किसी प्रकार की धोखाधड़ी न हो।

बैठक में उन्होंने राज्य सरकार के “वंदे मातरम् अभियान”, “सरदार पटेल @150” और “बिरसा मुण्डा जनजातीय गौरव अभियान” में विभागीय समन्वय और जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन अभियानों की उच्च स्तर पर नियमित समीक्षा की जा रही है, इसलिए किसी भी अधिकारी या कार्मिक द्वारा लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कलक्टर ने ‘सम्पर्क पोर्टल’ पर दर्ज लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा करते हुए कहा कि सभी अधिकारी समयसीमा में शत-प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिया कि अधिकारी प्रतिदिन अपने कार्यालय में जनसुनवाई करें और प्राप्त शिकायतों को पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करें। बिजली, पानी और चिकित्सा जैसी आवश्यक सेवाओं से संबंधित मामलों के त्वरित समाधान के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को हैंडपंपों पर विभाग का नाम रंग-पेंट से लिखवाने और पंचायती राज विभाग को “पं. दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त ग्राम योजना” के तहत चयनित लाभार्थियों को समय पर योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करवाने को कहा।

बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव बुड़ानिया, अतिरिक्त जिला कलक्टर संजय शर्मा, अधीक्षण अभियंता बी.एल. मीना, सीएमएचओ डॉ. अनिल कुमार जैमिनी, पीएमओ डॉ. तेजराम मीना, उप निदेशक आईसीडीएस प्रियंका शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur

नाम: हरक चंद जैन

वर्तमान पद: रिपोर्टर

कार्यक्षेत्र: सवाई माधोपुर (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): जनहित के मुद्दे और स्थानीय समाचार (सवाई माधोपुर)

परिचय

हरक चंद जैन राजस्थान के सवाई माधोपुर क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से सवाई माधोपुर जिले के स्थानीय समाचारों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

हरक चंद जैन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 45 वर्षों का लंबा और व्यापक अनुभव है। अपने इस दीर्घकालिक करियर के दौरान वह कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों से जुड़े रहे हैं:

  • दैनिक प्रातःकाल: पिछले 6 वर्षों से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' के साथ जुड़कर कार्यरत हैं।
  • अन्य समाचार पत्र: इसके पूर्व उन्होंने धर्म दिवाकर, देश की धरती, जननायक, नवज्योति, नवभारत टाइम्स और महका भारत जैसे विभिन्न समाचार पत्रों के लिए पत्रकारिता की है।

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