सवाई माधोपुर। समाज की नींव और अनुभवों की धरोहर कहे जाने वाले वरिष्ठ नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति सशक्त बनाने के उद्देश्य से सवाई माधोपुर नगर परिषद परिसर में बुधवार को एक भव्य विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर के अध्यक्ष के निर्देशों की पालना में आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल कानूनी जानकारी की अलख जगाई, बल्कि बुजुर्गों के प्रति सामाजिक दायित्वों का भी बोध कराया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव समीक्षा गौतम की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर ने न्यायिक सक्रियता और जनसेवा का एक अनुपम उदाहरण पेश किया, जहां प्रशासन खुद चलकर आमजन के द्वार तक पहुंचा।

शिविर का मुख्य आकर्षण सचिव समीक्षा गौतम का संबोधन रहा, जिन्होंने परिवार में बुजुर्गों के अपरिहार्य महत्व को रेखांकित करते हुए नालसा (वरिष्ठ नागरिकों के लिए विधिक सेवाएं) योजना 2016 की बारीकियों को समझाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी वरिष्ठ नागरिक कानूनी सहायता के अभाव में न्याय से वंचित नहीं रहेगा और उन्हें सरकार द्वारा निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान की जाती है। 'माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम 2007' पर विस्तार से चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि कानून बुजुर्गों को न केवल सम्मान बल्कि गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार भी देता है। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली विभिन्न रियायतों और कानूनी प्राथमिकता के बारे में बताते हुए उनकी समस्याओं को बेहद संवेदनशीलता के साथ सुना और निवारण के उपाय सुझाए।

प्रशासनिक स्तर पर सूचनाओं का आदान-प्रदान करते हुए नगर परिषद आयुक्त देवेन्द्र जिन्दल ने सरकार की विभिन्न जनहितकारी योजनाओं का खाका प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, अन्नपूर्णा रसोई योजना से लेकर जन्म-मृत्यु और विवाह पंजीयन जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया पर प्रकाश डाला। आयुक्त ने विशेष रूप से घुमंतू समुदाय के व्यक्तियों के पहचान पत्र, आधार कार्ड और जाति प्रमाण पत्र जैसे मौलिक अधिकारों से संबंधित जानकारी देकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का आह्वान किया। इसी क्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की छात्रावास अधीक्षक भावना शर्मा ने मुख्यमंत्री असहाय पुनर्वास योजना और इंदिरा गांधी वृद्धावस्था पेंशन योजना के लाभों से उपस्थित जनसमूह को अवगत कराया।

विधिक पक्ष को और मजबूती देने के लिए पैनल अधिवक्ता अभय कुमार गुप्ता, डिप्टी लीगल एड डिफेंस काउंसिल वीरेन्द्र कुमार वर्मा और असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल अक्षय सिंह राजावत ने 'न्याय आपके द्वार' अभियान की महत्ता बताई। उन्होंने लोक उपयोगिता सेवाओं जैसे बिजली, पानी, स्वच्छता, परिवहन, बैंकिंग और टेलीफोन से जुड़ी शिकायतों के त्वरित समाधान की प्रक्रियाओं को साझा किया। साथ ही, 'मीडिएशन फॉर द नेशन' और राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से न्यायालयों में लंबित प्रकरणों को आपसी सहमति से सुलझाने की अपील की, ताकि समय और धन की बचत हो सके।

इस अभियान को धरातल पर उतारने में अधिकार मित्र सुनिता जोनवाल, रिकी सैन, धनराज मीना, गिर्राज रैगर, मोरसिंह गुर्जर, देवनारायण गुर्जर और महेश कुमार गुर्जर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने नगर परिषद में विशेष कैनोपी लगाकर राजस्थान पीड़ित प्रतिकर योजना और 'हिट एंड रन' योजना के बारे में आमजन को जागरूक किया। शिविर के दौरान न केवल जानकारी दी गई, बल्कि पेंशन, आवास योजना और जन्म प्रमाण पत्र से संबंधित आवेदनों को मौके पर ही प्राप्त कर त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया। यह आयोजन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि वरिष्ठ नागरिक समाज का बोझ नहीं, बल्कि वह वटवृक्ष हैं जिनकी छांव में समाज सुरक्षित रहता है।

Pratahkal Newsroom

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