सवाई माधोपुर। रणथंभौर की ऐतिहासिक धरा शनिवार को बेटियों के अदम्य साहस और सपनों की गवाह बनी, जब जिला प्रशासन और महिला अधिकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय बालिका दिवस का भव्य आयोजन किया गया। जिला स्तरीय इस समारोह ने न केवल बालिकाओं के अधिकारों की आवाज बुलंद की, बल्कि समाज की रूढ़िवादी सोच पर प्रहार करते हुए उनके सशक्तिकरण का एक नया अध्याय लिखा। कार्यक्रम का प्रत्येक स्वर इस बात की तस्दीक कर रहा था कि जब बेटियां शिक्षित और सुरक्षित होंगी, तभी राष्ट्र की प्रगति के मार्ग प्रशस्त होंगे।

समारोह को संबोधित करते हुए महिला अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक अमित गुप्ता ने विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का खाका प्रस्तुत किया। उन्होंने 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' योजना की सार्थकता पर बल देते हुए कहा कि बालिकाओं को समान अवसर देना महज एक प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि एक विकसित समाज की अनिवार्य शर्त है। गुप्ता ने उपस्थित जनसमूह को प्रेरित करते हुए बालिकाओं के आत्मसम्मान और उनकी सामाजिक भूमिका के महत्व को रेखांकित किया, जिससे वहां मौजूद हर शख्स के भीतर बेटियों के प्रति सम्मान का भाव जागृत हुआ।

विधिक चेतना के बिना सशक्तिकरण अधूरा है, इसी उद्देश्य के साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कानूनविदों ने मंच संभाला। उन्होंने महिलाओं और बालिकाओं के कानूनी अधिकारों की विस्तृत व्याख्या की। बाल संरक्षण अधिनियमों और विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को जागरूक किया कि कानून उनकी ढाल बनकर हर कदम पर उनके साथ खड़ा है। इस सत्र ने न केवल कानूनी ज्ञान का विस्तार किया बल्कि बालिकाओं में आत्मविश्वास का संचार भी किया।

उत्सव के रंग तब और गहरे हो गए जब 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' और 'वंदे मातरम् 150' अभियान के अंतर्गत कलात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। बालिकाओं ने रंगोली के चटख रंगों और मेंहदी की बारीक लकीरों से अपनी कल्पनाओं को साकार किया। रंगोली प्रतियोगिता में 3 समूहों की 15 बालिकाओं और महिलाओं ने अपनी सृजनात्मकता का लोहा मनवाया, वहीं मेंहदी प्रतियोगिता में 5 प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पुरस्कार जीते। लगभग 200 प्रतिभागियों के उत्साह ने इस आयोजन को एक जन आंदोलन का रूप दे दिया।

इस गरिमामयी अवसर पर प्रदीप कुमार गौतम, नूतन कुमार जिंदल, आयुष पाराशर, रामराज मिरोठा, अर्पित कुमार मथुरिया, मनीषा देवन्दा, जितेन्द्र बहादुर, अनीता कंवर, प्रिया तेहरिया, रिंकी सेन और अनन्या तिवारी सहित विभाग के अन्य अधिकारी, कर्मचारी एवं प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि सवाई माधोपुर की हर बेटी को उसकी क्षमता के अनुरूप आकाश छूने का अवसर प्रदान किया जाएगा, जिससे समाज में एक सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन की नींव रखी जा सके।

Pratahkal Bureau

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