रणथंभौर टाइगर रिजर्व: विद्यार्थियों को मिला वन्यजीव संरक्षण का पाठ
रणथंभौर बाघ रक्षक कार्यक्रम के तहत स्कूली बच्चों के लिए चित्रकला प्रतियोगिता, क्विज और पार्क भ्रमण का आयोजन हुआ।

रणथंभौर टाइगर रिजर्व में सफारी वाहनों में सवार स्कूली विद्यार्थी और आयोजक।
सवाई माधोपुर, 25 सितम्बर। रणथंभौर टाइगर रिजर्व द्वारा संचालित ‘रणथंभौर बाघ रक्षक कार्यक्रम’ के तहत युवाओं और स्कूली बच्चों को वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने के प्रयास लगातार जारी हैं। मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं क्षेत्र निदेशक शारदा प्रताप सिंह तथा उप वन संरक्षक एवं उप क्षेत्र निदेशक (प्रथम) मानस सिंह के निर्देशन में सवाई माधोपुर के विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
सोशियोलॉजिस्ट ममता साहू ने विद्यार्थियों को बाघों के जीवन, पारिस्थितिक तंत्र में उनकी भूमिका, वन्यजीव संरक्षण और उनके सामने आने वाले खतरों की जानकारी दी। टोडरा, फलौदी, बहरावंडा खुर्द, बरनावदा, गोठड़ा, अल्लापुर, दुमेदा एवं मेईकलां के विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान ‘सुरक्षित बाघ, सुरक्षित भविष्य’ विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसके साथ ही बाघों के व्यवहार तथा देश के विभिन्न टाइगर रिजर्व पर आधारित प्रश्नोत्तरी भी हुई। विद्यार्थियों को जैव विविधता, पर्यावरण संतुलन और वन्यजीव संरक्षण से संबंधित जानकारी दी गई तथा जागरूकता सामग्री वितरित की गई।
सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के प्रति भी विद्यार्थियों को जागरूक किया गया। इस दौरान जूट बैग और वन्यजीव आधारित बुकलेट वितरित किए गए।
विद्यार्थियों को रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान का भ्रमण भी करवाया गया। इस दौरान उन्हें वन्यजीवों, प्राकृतिक आवास, जैव विविधता और संरक्षण गतिविधियों से परिचित कराया गया। विद्यार्थियों ने प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण को नजदीक से समझा तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
उप वन संरक्षक मानस सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों में वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना सुरक्षित भविष्य की मजबूत नींव है। ‘रणथंभौर बाघ रक्षक’ कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न विद्यालयों के बच्चों को जोड़कर उन्हें प्रकृति एवं वन्यजीव संरक्षण में सहभागी बनाने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के माध्यम से जागरूकता गतिविधियों, रचनात्मक प्रतियोगिताओं और रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान के भ्रमण को जोड़कर विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संतुलन की समझ से परिचित कराया गया।
फोटो कैप्शन: 25 पीआरओ 6 रणथम्भौर बाघ रक्षक कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को रणथम्भौर नेशनल पार्क का भ्रमण करवाया।

Harak Chand Jain, Sawai Maadhopur
नाम: हरक चंद जैन
वर्तमान पद: रिपोर्टर
कार्यक्षेत्र: सवाई माधोपुर (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): जनहित के मुद्दे और स्थानीय समाचार (सवाई माधोपुर)
परिचय
हरक चंद जैन राजस्थान के सवाई माधोपुर क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से सवाई माधोपुर जिले के स्थानीय समाचारों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
हरक चंद जैन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में 45 वर्षों का लंबा और व्यापक अनुभव है। अपने इस दीर्घकालिक करियर के दौरान वह कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक प्रातःकाल: पिछले 6 वर्षों से लगातार 'दैनिक प्रातःकाल' के साथ जुड़कर कार्यरत हैं।
- अन्य समाचार पत्र: इसके पूर्व उन्होंने धर्म दिवाकर, देश की धरती, जननायक, नवज्योति, नवभारत टाइम्स और महका भारत जैसे विभिन्न समाचार पत्रों के लिए पत्रकारिता की है।
