रणथम्भौर टाइगर रिजर्व के अत्यंत संवेदनशील कोर टाइगर हैबिटेट (Core Tiger Habitat - CTH) क्षेत्र में अब किसी भी प्रकार की गैर-वानिकी गतिविधि और निर्माण कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। टाइगर रिजर्व प्रशासन ने आमजन, विभिन्न सरकारी विभागों और संबंधित संस्थाओं को चेतावनी जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि इस संरक्षित क्षेत्र में बिना विधिक स्वीकृति के कोई भी स्थायी या अस्थायी संरचना खड़ी करना कानूनन अपराध है।

बाघ और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण हेतु अधिसूचित कोर टाइगर हैबिटेट क्षेत्र पारिस्थितिक तंत्र की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। प्रशासन के सख्त निर्देशों के अनुसार, इस क्षेत्र में सड़क, भवन, चारदीवारी, विद्युत संरचनाएं, टावर, पाइपलाइन या किसी भी अन्य प्रकार की संरचना का निर्माण, विस्तार या स्थापना करने से पूर्व वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 तथा वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के प्रावधानों के अंतर्गत सक्षम प्राधिकरणों से अनिवार्य रूप से पूर्व अनुमति प्राप्त करना आवश्यक है। किसी भी प्रकार का अनधिकृत निर्माण या गतिविधि इन कठोर वन्यजीव कानूनों का उल्लंघन माना जाएगा।

इस संदर्भ में, माननीय सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष केंद्रीय सशक्त समिति (Central Empowered Committee - CEC) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्टों और न्यायालय द्वारा व्यक्त की गई गंभीर चिंताओं का उल्लेख करते हुए प्रशासन ने कोर टाइगर हैबिटेट की पारिस्थितिक अखंडता बनाए रखने पर विशेष बल दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की अवैध या अनधिकृत निर्माण गतिविधि को कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। कानून का उल्लंघन करने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए रिजर्व प्रशासन पूरी तरह सतर्क है, ताकि देश के प्रमुख टाइगर रिजर्व में बाघों के प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखा जा सके।

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