सवाई माधोपुर स्थित विश्व प्रसिद्ध रणथंभौर टाइगर रिजर्व के समीप शेरपुर हेलीपैड पर गंभीर अनियमितताओं और अवैध निर्माण का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी एवं संलग्न दस्तावेजों के अनुसार, अर्बन इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट (UIT) द्वारा हेलीपैड क्षेत्र में अवैध निर्माण कार्य एवं अन्य गतिविधियाँ की जा रही हैं, जो सीधे तौर पर महानिदेशक, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के निर्धारित नियमों के विपरीत हैं। इस संवेदनशील विषय को लेकर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय, भारत सरकार के महानिदेशक महोदय/महोदया को औपचारिक शिकायत भेजकर त्वरित कार्रवाई की मांग की गई है।

सुरक्षा मानकों का उल्लंघन और वीवीआईपी सुरक्षा पर खतरा

शिकायत में बताया गया है कि "सबसे गंभीर विषय यह है कि संचालित (रनिंग) हेलीपैड के बीच से अवैध रूप से सड़क का निर्माण/निर्णय किया गया है, जो विमानन सुरक्षा मानकों का स्पष्ट उल्लंघन है और अत्यंत खतरनाक स्थिति उत्पन्न करता है।" विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि रणथंभौर टाइगर रिजर्व विश्व स्तर पर अत्यंत प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है, जहाँ देश-विदेश से बड़ी संख्या में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राजनयिक (Ambassadors), फिल्म कलाकार एवं अन्य वीवीआईपी/वीआईपी गणमान्य व्यक्ति नियमित रूप से भ्रमण हेतु आते हैं और इसी हेलीपैड का उपयोग करते हैं। ऐसी स्थिति में इस हेलीपैड की सुरक्षा, संचालन व्यवस्था एवं DGCA मानकों का पूर्ण अनुपालन अत्यंत आवश्यक है। किसी भी प्रकार की लापरवाही या अवैध निर्माण न केवल विमानन सुरक्षा के लिए बल्कि मानव जीवन एवं उच्च स्तरीय सुरक्षा प्रोटोकॉल के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकता है।

पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण पर संकट

यह क्षेत्र क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट के अंतर्गत आता है, जहाँ इस प्रकार की अवैध गतिविधियाँ वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए भी अत्यंत हानिकारक मानी जा रही हैं। यह भी संदेह जताया गया है कि इन अवैध कार्यों के माध्यम से कुछ पर्यटन माफियाओं को अनुचित लाभ पहुँचाया जा रहा है, जो कि एक गंभीर जांच का विषय है। संलग्न अभिलेखों के अनुसार हेलीपैड भूमि के खसरा नंबर 4770, 5206/4770, 5208/4770 एवं अन्य संबंधित खसरे 4769, 3380, 3382 में यह गतिविधियाँ संचालित हो रही हैं।

DGCA नियमों की अनदेखी और सख्त कार्रवाई की मांग

विमानन नियमों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया गया है कि "Civil Aviation Requirement Section 4 Series B Part II के अनुसार, operational heliport के FATO, Safety Area एवं Obstacle Limitation Surface में बिना DGCA की NOC के कोई भी निर्माण प्रतिबंधित है। वर्तमान निर्माण सीधे उड़ान सुरक्षा के लिए खतरा है।" इस प्रकरण में निवेदन किया गया है कि शेरपुर हेलीपैड का तत्काल निरीक्षण एवं उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही, हेलीपैड क्षेत्र के भीतर बनाई गई अवैध सड़क एवं अन्य निर्माण को तत्काल प्रभाव से रोका या हटाया जाए और दोषी अधिकारियों एवं संस्थाओं के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। वीवीआईपी मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए इस हेलीपैड को उच्च सुरक्षा श्रेणी में लाकर सख्त निगरानी सुनिश्चित करना समय की मांग है क्योंकि यह मामला विमानन सुरक्षा, मानव जीवन एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है।

Pratahkal Bureau

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